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Murder Meerut: दो माह में एलएलबी के तीन छात्रों की हत्या, किसी पर बरसाईं गोलियां, तो किसी को दी खौफनाक मौत

Sun, 03 Jul 2022 06:07 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 03 Jul 2022 06:07 PM IST
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Murder Meerut: Three LLB students were killed in two months
एलएलबी के छात्र- सचिन यादव, प्रयाग व यश - फोटो : अमर उजाला

मेरठ के जागृति विहार सेक्टर-6 में रहने वाले एलएलबी के छात्र यश रस्तोगी की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। सोमवार देर रात उसका शव लिसाड़ी गेट के पिलोखड़ी पुलिस चौकी के पास मिला। छात्र पिछले छह दिन से लापता चल रहा था।  वहीं पुलिस जांच पड़ताल में समलैंगिक दोस्तों द्वारा एलएलबी छात्र का अपहरण कर हत्या करने की बात सामने आई है। पुलिस ने घटना की छानबीन कर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। बता दें कि मेरठ में एलएलबी छात्र की हत्या का यह दो माह के भीतर तीसरी बड़ी वारदात है।



जागृति विहार निवासी एलएलबी छात्र की हत्या के बाद जहां भाजपा कार्यकर्ताओं और हिंदू संगठनों ने रोष जताया है वहीं इस मामले में पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। ऐसे में पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। एलएलबी छात्र यश की हत्या से पहले शहर के कंकरखेड़ा और गंगानगर क्षेत्र में भी एलएलबी के दो छात्रों की हत्या की जा चुकी है। आगे जानें कब और कैसे एलएलबी छात्रों को बेरहमी से मौत के घाट उतारा गया।

Murder Meerut: Three LLB students were killed in two months
LLB स्टूडेंट मर्डर, यश हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला

मेरठ में पिछले दो माह के भीतर एलएलबी के तीन छात्रों की हत्या हो चुकी है।  21 मई को कंकरखेड़ा थानाक्षेत्र के गांव पावली खुर्द में लॉ के छात्र पर हिस्ट्रीशीटरों ने घर में घुसकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई तो 16 जून को गंगानगर में एलएलबी के छात्र सचिन यादव को 30 से भी ज्यादा छात्रों ने रास्ते में घेरकर गोली मारकर घायल कर दिया। सचिन की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। अब शनिवार को जागृति विहार में एलएलबी के छात्र की यश की हत्या से सनसनी फैल गई।

Murder Meerut: Three LLB students were killed in two months
LLB स्टूडेंट मर्डर, यश हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला

मेरठ के जागृति विहार सेक्टर-6 में रहने वाले एलएलबी के छात्र यश रस्तोगी अपहरण के बाद हत्या करने का मामला सामने आया है। सोमवार देर रात उसका शव लिसाड़ी गेट के पिलोखड़ी पुलिस चौकी के पास मिला। वह छह दिन से लापता था। वहीं पुलिस जांच-पड़ताल में समलैंगिक दोस्तों द्वारा एलएलबी छात्र का अपहरण कर हत्या करने की बात सामने आई है। पुलिस ने घटना की छानबीन कर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।

मेरठ में एलएलबी के छात्र यश रस्तोगी को लिसाड़ीगेट में दूसरे समुदाय के युवकों ने बेरहमी से मारा। पहले यश का गला दबाया और फिर उसके कई टुकड़े कर लाश बोरे में भरकर पुलिस चौकी के पास नाले में फेंक दी। छह दिन तक उसकी लाश नाले में पड़ी रही। पुलिस ने सर्विलांस के जरिये यश के दोस्तों की कुंडली खंगाली, जिसके बाद आरोपियों का पता चला।

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Murder Meerut: Three LLB students were killed in two months
सचिन यादव का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

गंगानगर में सचिन यादव को घेरकर मारी गोली
गंगानगर स्थित निजी विश्वविद्यालय में सचिन यादव एलएलबी का छात्र था। 16 जून को सचिन की जूनियर छात्रों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। आरोप था कि विश्वविद्यालय की शिक्षिका से बदसलूकी करने का सचिन ने विरोध कर दिया था। सचिन की हत्या में जतिन त्यागी, कुलदीप त्यागी, कादिर और शिवांग त्यागी समेत 32 नामजद आरोपी बनाए गए थे।

जतिन समेत आठ आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। हत्याकांड में कादिर अली को पुलिस ने मुख्य आरोपी बनाया था जोकि भाजपा नेता का भतीजा है। एलएलबी के छात्र सचिन यादव की हत्या का मुख्य आरोपी 25 हजार का इनामी कादिर अली को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

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पराग का फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala

प्रयाग चौधरी पर घर में घुसकर बरसाईं थीं गोलियां
पाबली खुर्द गांव में 21 मई को एक-एक लाख के इनामी बदमाशों ने छात्र प्रयाग चौधरी के घर में घुसकर गोलियां बरसाई थीं। प्रयाग को सात गोलियां लगी थीं। भाई मयंक ने दीवार से कूदकर जान बचाई थी जबकि उसकी पत्नी और बच्चे कमरे में छिप गए थे। पिता निरंकार सिंह मंदिर जाने की वजह से बच गए थे। पुलिस ने घटना के दौरान मौके से एक दर्जन से अधिक खोखे बरामद किए थे। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने बोलेरो गाड़ी से घटना को अंजाम दिया।

दोनों भाई और पिता थे निशाने पर
पुलिस के मुताबिक प्रयाग चौधरी, भाई मयंक और उसके पिता निरंकार भी सनी काकरान के निशाने पर थे। आरोपियों के दोनों हाथों में पिस्टल थीं। हमलावर मयंक के भी पीछे भागे। यदि वह पकड़ा जाता तो उसे भी मार देते। प्रयाग के पिता गांव में ही मंदिर में पूजा करने के लिए गए थे। इस कारण से उनकी जान बच गई।

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