मुन्ना बजरंगी की हत्या के अधिकतर सवाल अनसुलझे हैं। पुलिस ने सुनील राठी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, लेकिन अभी भी कई सवाल ऐसे हैं, इनसे पर्दा उठना बाकी है। पुलिस अधिकारी मामले में चुप्पी साधे हैं, जबकि आगरा से पिस्टल की बैलेस्टिक जांच रिपोर्ट को वापस भेजा था। दोबारा से अब लखनऊ में जांच कराने की बात कही जा रही है, लेकिन अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
मुन्ना बजरंगी हत्याकांड: जेल से बरामद पिस्टल की जांच अभी तक अधूरी, ये हैं पांच अनसुलझे बड़े सवाल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद बागपत जेल से बरामद पिस्टल की बैलेस्टिक जांच आगरा प्रयोगशाला में कराई । पुष्टि हुई थी जो पिस्टल जांच को भेजा है, उससे गोली ही नहीं चली । पुलिस ने रिपोर्ट वापस भेज दी । पिस्टल की जांच दोबारा लखनऊ प्रयोगशाला में कराने की तैयारी चल रही है, पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। आगे जानें आखिर मुन्ना बजरंगी की हत्या के खुलासे को लेकर किन सवालों पर टिकी है हर किसी की नजर: -
वारदात में कई सवाल अनसुलझे हैं, जिनका पुलिस जवाब नहीं दे पा रही है। इनमें सबसे पहला सवाल है कि आखिर बागपत जेल में पिस्टल कैसे पहुंचा, पिस्टल जेल में पहुंचाने वाला शख्स कौन है। हत्या की वारदात में कितने लोग शामिल रहे। मर्डर में कितने शस्त्रों का प्रयोग किया गया। एसपी शैलेश पांडेय के मुताबिक कई बिंदु जांच का विषय हैं। जांच पूरी होने के बाद ही कुछ बताया जा सकता है।
जेल में थे पिस्टल, तो जांच में क्यों नहीं मिले
अफसरों ने बजरंगी की हत्या के बाद जेल का कई बार निरीक्षण किया। सर्च अभियान चलाया। गटर में एक पिस्टल मिला। इससे सवाल है कि अगर शस्त्र एक से अधिक थे तो वह कहां गए। पुलिस की जांच में क्यों नहीं मिले। एंड्रायड मोबाइल नहीं मिले। जबकि फोटो भी जेल से ही वायरल किए थे।
जांच पर वार्डर ने उठाए सिस्टम पर सवाल
मुन्ना हत्या में जांच में जुटे अफसरों ने जेल वार्डर व हेड जेलवार्डर को सस्पेंड किया। जेल वार्डर के नाम से मुख्य सचिव को पत्र भेज जेल के हालात की कहानी बताई। कहा वारदात से पहले सुनील और उसके भाई की मुलाकात हुई।