मृत्युदंड की सजा के बाद मुस्कान और रविता की जेल में बैचेनी बढ़ गई है। दोनों को अलग अलग मामलों में अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। वहीं फैसला सुनते ही जहां मुस्कान फूट फूटकर रो पड़ी, उसके दो ही दिन बाद जब शुक्रवार को अदालत ने पति को सांप से डसवाने वाली पत्नी को मृत्युदंड सुनाया तो वह पहले तो चुप्पी साधे रही फिर सिर पकड़कर बैठ गईं। बाद में जेलकर्मी उसे बैरक तक ले गए।
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रविता व मुस्कान
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दोनों ने की निजी वकील की मांग
दोनों जेल के भीतर अब एक ही चिंता सता रही है कि आगे क्या होगा? दोनों ने हाईकोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए निजी वकील की मांग की है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा के अनुसार, दोनों को जल्द निजी वकील मुहैया कराने की प्रक्रिया की जाएगी। रविता को कैदी नंबर 399 और अमरदीप को 400 नंबर आवंटित किया गया है।
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सौरभ हत्याकांड, मुस्कान
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निचली अदालत के फैसले को दोनों हाईकोर्ट में देंगी चुनौती
मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने के बाद दोनों मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई अहम हो गई है। हाईकोर्ट में अपील के जरिए दोनों दोषी निचली अदालत के फैसले को चुनौती दे सकेंगी। हालांकि, अपील में आगे क्या निर्णय होगा, यह अदालत की सुनवाई और आदेश पर निर्भर करेगा।
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अमरदीप और रविता।
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रविता को कैदी नंबर 399, अमरदीप को 400
जेल प्रशासन के अनुसार, रविता को कैदी नंबर 399 और अमरदीप को कैदी नंबर 400 आवंटित किया गया है। दोनों को अदालत से मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने के बाद जेल में उनकी आगे की प्रक्रिया नियमानुसार जारी है।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि मुस्कान और रविता ने हाईकोर्ट में केस लड़ने के लिए निजी वकील की मांग की है। जेल प्रशासन की ओर से उन्हें वकील उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं मुस्कान ने बेटी से मिलने के लिए पत्र लिखने की भी बात कही है।
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आरोपी पत्नी रविता व प्रेमी अमरदीप
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मृत्युदंड के बाद अब कानूनी लड़ाई पर नजर
मुस्कान और रविता के मामलों में सजा सुनाए जाने के बाद अब आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी। दोनों हाईकोर्ट में अपील के जरिए अपनी सजा को चुनौती देने की तैयारी कर रही हैं। अपील दाखिल होने के बाद संबंधित अदालत में मामले की सुनवाई होगी और कानून के अनुसार आगे का फैसला लिया जाएगा।