मेरठ में भूसा मंडी और मछेरान में बवाल के बाद गुस्से व आक्रोश के बीच तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। कानून व्यवस्था और सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस, पीएसी और आरएएफ तैनात हैं। हालांकि गुरुवार को बेसहारा लोग मदद की आस लगाए शासन-प्रशासन की राह ताकते रहे। दिन भर गहमागहमी का माहौल रहा। डीएम और एसएसपी ने भूसा मंडी और मछेरान का जायजा लिया। आग से प्रभावित लोगों को आश्वासन दिया कि उनकी आर्थिक मदद की जाएगी।
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मेरठ बवाल
- फोटो : अमर उजाला
सदर बाजार थानाक्षेत्र के भूसा मंडी में अवैध निर्माण को तोड़ने के विरोध में बुधवार को बवाल हो गया था। इस दौरान करीब 200 झुग्गियां आग में जलकर राख हो गई थीं। आग की चपेट में एक धार्मिक स्थल भी आ गया था। शरारती तत्वों ने दिल्ली रोड पर वाहनों में तोड़फोड़ और लूटपाट की।
महताब तिराहा से लेकर रेलवे रोड चौराहे तक अराजकता का माहौल रहा। जिस पर पुलिस प्रशासन ने मशक्कत के बाद काबू पाया था। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए महानगर के अलावा आसपास के जिलों से भी पुलिस फोर्स को बुधवार देर रात बुलाकर भूसा मंडी, मछेरान और महताब तिराहे के आसपास तैनात किया गया।
गुरुवार सुबह होते ही चारों तरफ पुलिस फोर्स लगा था। लोग उठे तो उनके घरों के बाहर पुलिस, आरएएफ और पीएसी बल तैनात था। भारी पुलिस बल को देखते हुए कोई हंगामा नहीं हुआ। सुबह करीब आठ बजे डीएम अनिल ढींगरा और एसएसपी नितिन तिवारी भूसा मंडी पहुंचे। पीड़ित लोगों को मदद का भरोसा दिलाया। लेकिन साथ ही कहा कि आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।
7 सीओ, 22 थानेदार तैनात
भूसा मंडी में आठ थानेदार महानगर के तो 14 थानेदार दूसरे जिलों के तैनात किए गए हैं। एसपी क्राइम बुलंदशहर शिवराम यादव को दिन की तो सीओ बुढ़ाना को रात की जिम्मेदारी दी गई। आरएएफ की दो प्लाटून कंपनी और एक प्लाटून पीएसी बल लगाया है। दो शिफ्टों में पुलिस फोर्स तैनात किया गया है।