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मायावती का दलित-मुस्लिम समीकरण पर विशेष जोर, कहा- भाजपा आई तो खत्म कर देगी आरक्षण
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
Updated Thu, 02 Feb 2017 09:55 AM IST
सार
सपा-कांग्रेस गठबंधन को वोट न करें अल्पसंख्यक, सपा को हराने के लिए तो शिवपाल यादव ही काफी, सर्जिकल स्ट्राइक और नोटबंदी भाजपा का नाटक, दिल्ली संभल नहीं रही, यूपी कैसे संभालेगी बीजेपी, भाजपा के पास सीएम का चेहरा नहीं, सपा का चेहरा दागी, बसपा लौटी, तो दलितों को फिर मिलेंगे जमीनों के पट्टे, किसानों का एक लाख तक का कर्ज माफ किया जाएगा
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मेरठ में मायावती की रैली में उमड़ा जनसमूह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मेरठ से विधानसभा चुनाव के प्रचार का आगाज करते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने बसपा की जीत का सीधा गणित समझाने का प्रयास किया। उन्होंने दलित-मुस्लिम समीकरण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि यदि अल्पसंख्यकों ने सपा-कांग्रेस गठबंधन को वोट कर दिया, तो यह बेकार ही चला जाएगा क्योंकि इसका सीधा लाभ भाजपा को होगा। भाजपा सरकार आई तो आरक्षण भी खत्म कर देगी। उप्र में भाजपा के पास सीएम के नाम पर एक चेहरा तक नहीं है। सपा का जो सीएम चेहरा है, वह दागी है क्योंकि उसके नाम पांच साल में 500 दंगे दर्ज हैं।
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मायावती ने अल्पसंख्यकों को चेताया
मेरठ में मायावती की रैली में उमड़ा जनसमूह
- फोटो : अमर उजाला
मेरठ और बागपत की 10 विधानसभा सीटाें के लिए बुधवार को एनएच 58 बाईपास स्थित मैदान में रैली का आयोजन किया गया। दो घंटे देरी से पहुंचीं मायावती ने आते ही माइक थाम लिया। अपने 51 मिनट के भाषण में उन्होंने भाजपा, कांग्रेस और सपा पर निशाना साधा। कहा कि कांग्रेस ने यूपी में 37 साल और केंद्र में 54 वर्ष राज किया। उसकी गलत नीतियों के कारण ही जनता ने उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया। अब वह जंगलराज का प्रतीक सपा सरकार के साथ मिलकर अपने मंसूबे पूरे करना चाहती है। सपा सरकार में मुजफ्फरनगर, बिसाहड़ा कांड, मथुरा जैसे 500 दंगे हुए। कानून की धज्जियां उड़ीं। चाहे बुलंदशहर बलात्कार कांड हो या अन्य, आम लोग त्रस्त रहे। सपा ने मेट्रो ट्रेन या एक्सप्रेस वे जैसे योजना जो चलाईं, वे भी बसपा सरकार के ही प्रोजेक्ट थे। यदि बसपा आई तो उसकी सभी योजनाओं को फिर से उन्हीं कल्याणकारी योजनाओं में बदला जाएगा। पुत्र मोह में फंसे मुलायम ने शिवपाल का जो अपमान किया है, उस पर शिवपाल खेमा खुद ही सपा को हरा देगा।
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मोदी ने एक भी चुनावी वायदा पूरा नहीं किया
रैली को संबोधित करतीं मायावती।
- फोटो : अमर उजाला
मायावती ने अल्पसंख्यकों को साधने की कोशिश की। कहा कि अल्पसंख्यकों द्वारा सपा को दिया गया वोट बेकार जाएगा, क्योंकि इस फायदा भाजपा लेगी। इस नुकसान से बचने को अल्पसंख्यक बसपा को वोट करें। भाजपा केवल आरएसएस के एजेंडे पर काम करती है। कभी संस्कृति तो कभी देशभक्ति, गौरक्षा, लव जेहाद, सर्जिकल स्ट्राइक, परिवर्तन यात्रा आदि के नाम पर केवल नाटकबाजी करती है। तीन तलाक, मुस्लिम पर्सनल लॉ और कॉमन सिविल कोड में दखल देने की कोशिश की जा रही है। ये लोग आतंकवाद के नाम पर प्रताड़ित करते हैं। भाजपा दिल्ली प्रदेश की कानून-व्यवस्था तो संभाल नहीं पा रही, यूपी की क्या संभालेगी। सबका साथ सबका विकास जैसे जुमले ही हैं। जनता के अच्छे दिन तो नहीं आए, पर भाजपा के बुरे दिन जरूर आने वाले हैं। अब नया हथकंडा अपनाया है कि दोनों बजट एक साथ पेश कर दिए। पौने तीन माह पूर्व नोटबंदी कर 90 प्रतिशत गरीब, मजदूर, किसान की कमर तोड़ दी और अपने पूंजीपतियों ललित मोदी, विजय माल्या जैसों का धन पहले ही सफेद करा दिया। काला धन देश में वापस नहीं आया। लोगों के खातों में 15 लाख तो क्या एक रुपया नहीं आया। यह केवल देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जुमलेबाजी थी। भाजपा दलित विरोधी है। चाहे रोहित वेमुला कांड हो, उना कांड हो या उप्र का दयाशंकर कांड। इनकी मंशा साफ है। हरियाणा में भी दलितों पर कहर बरपाया, जिससे उन्हें पलायन को मजबूर होना पड़ा।
मायावती ने अपने घोषणापत्र की बातें भी गिनाई। कहा कि बसपा की सरकार बनी तो दलितों को फिर से जमीनों के पट्टे मिलेंगे। किसानों को गन्ने का बकाया भुगतान कराया जाएगा तथा फसलों का उचित दाम दिलाया जाएगा। लैपटॉप की बजाय छात्रों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। किसान, मजदूर के एक लाख रुपये तक के कर्ज माफ किए जाएंगे। पलायन नहीं होने दिया जाएगा। पउप्र में हाईकोर्ट बेंच की पुरजोर कोशिश की जाएगी। रैली में पउप्र प्रभारी अतर सिंह राव, सांसद हाजी शाहिद अखलाक समेत दसों विधानसभा के प्रत्याशी और कोऑर्डिनेटर मौजूद रहे।
मायावती ने अपने घोषणापत्र की बातें भी गिनाई। कहा कि बसपा की सरकार बनी तो दलितों को फिर से जमीनों के पट्टे मिलेंगे। किसानों को गन्ने का बकाया भुगतान कराया जाएगा तथा फसलों का उचित दाम दिलाया जाएगा। लैपटॉप की बजाय छात्रों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। किसान, मजदूर के एक लाख रुपये तक के कर्ज माफ किए जाएंगे। पलायन नहीं होने दिया जाएगा। पउप्र में हाईकोर्ट बेंच की पुरजोर कोशिश की जाएगी। रैली में पउप्र प्रभारी अतर सिंह राव, सांसद हाजी शाहिद अखलाक समेत दसों विधानसभा के प्रत्याशी और कोऑर्डिनेटर मौजूद रहे।
सपा-कांग्रेस गठबंधन को वोट न करें अल्पसंख्यक, सपा को हराने के लिए तो शिवपाल यादव ही काफी, सर्जिकल स्ट्राइक और नोटबंदी भाजपा का नाटक, दिल्ली संभल नहीं रही, यूपी कैसे संभालेगी बीजेपी, भाजपा के पास सीएम का चेहरा नहीं, सपा का चेहरा दागी, बसपा लौटी, तो दलितों को फिर मिलेंगे जमीनों के पट्टे, किसानों का एक लाख तक का कर्ज माफ किया जाएगा