सांसद नुसरत जहां के नवदुर्गा पूजन करने पर उलमा ने कड़ा एतराज जताया है। उलमा ने बड़ा बयान देते हुए दो टूक कहा कि अगर टीएमसी सांसद नुसरत जहां को गैर मजहबी काम करने हैं तो क्यों न वे अपना नाम बदल लें। अगली स्लाइडों में जानिए, देवबंदी उलमा ने और क्या कहा-
नुसरत के पीछे क्यों पड़ा इस्लामिक 'जहां'
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सोमवार को नुसरत जहां के दुर्गा पूजा करने को लेकर इत्तेहाद उलमा-ए-हिंद के उपाध्यक्ष मौलाना मुफ़्ती असद कासमी ने कहा कि नुसरत जहां क्यों गैर मजहबी वाले काम कर रही हैं।
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इस्लाम में अल्लाह के सिवा किसी ओर की इबादत करना हराम है। यदि नुसरत जहां को गैर मजहबी काम करने हैं तो क्यों न वे अपना नाम बदल लें, इस तरह के अमल करने से वह इस्लाम और मुसलमानों की तौहीन कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि नुसरत जहां का यह अमल कोई पहली बार नहीं है। इससे पहले भी वह गैर इस्लामी करती रही हैं। इसी अमल को दोहराते हुए उन्होंने इस बार भी नवदुर्गा की पूजा की है तो मैं समझता हूं कि इस तरह का अमल इस्लाम में जायज नहीं है।
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उन्होंने नुसरत जहां को नसीहत देते हुए कहा कि जब वह इस्लाम को नहीं मानती, उसके ऊपर अमल नहीं करती और सारे काम गैर इस्लामी कर रही हैं। यहां तक उन्होंने शादी भी गैर मजहब में की है तो वह अपना नाम भी बदल लें। ताकि उनके इस तरह के अमल से इस्लाम और मुसलमानों की तौहीन तो नहीं होगी।
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