दिल्ली की हिंसा में मारे गए आईबी के सुरक्षा सहायक अंकित शर्मा को परिजनों ने शहीद का दर्जा दिलाने की मांग की है। पीड़ित परिवार को दिल्ली सरकार ने एक करोड़ रुपये आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने की घोषणा की है।
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केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान भी पहुंचे
- फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर में बुढ़ाना क्षेत्र के गांव इटावा निवासी अंकित शर्मा (25 वर्षीय) इंटेलिजेंस ब्यूरो में दिल्ली में सुरक्षा सहायक के पद पर तैनात थे। उनका परिवार दिल्ली के खजूरी में रहता है। गत 25 फरवरी को शाम हिंसा में दंगाइयों ने अंकित की हत्या कर शव को नाले में फेंक दिया गया था। 26 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने नाले से तीन शव बाहर निकाले थे, जिनमें अंकित शर्मा का शव भी था। 27 फरवरी को अंकित शर्मा का पार्थिव शरीर पैतृक गांव इटावा में आया तो गमगीन माहौल में सलामी के बाद अंतिम संस्कार हुआ था।
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अंकित का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
अंकित शर्मा के बड़े भाई अंकुर शर्मा का कहना है कि उनके भाई को शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए। अभी तक सरकार द्वारा शहीद का दर्जा नहीं दिया गया है। उनके भाई की बेरहमी से हत्या हुई है। इसे वे कभी नहीं भुला सकेंगे। उनके भाई के साथ विश्वासघात हुआ है। उन्होंने सरकार से शहीद का दर्जा देने की मांग उठाई है।
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अंकित का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
यूपी सरकार ने नहीं की कोई घोषणा
अंकुर शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उनके परिवार के बारे में किसी भी प्रकार की मदद अथवा अन्य सुविधा की कोई घोषणा नहीं की है। वे इसी प्रदेश के रहने वाले हैं। उनका पैतृक गांव जमीन-जायदाद आदि मुजफ्फरनगर जिले में है।
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