एक कार्यक्रम से खुशी-खुशी अपने परिवार के साथ घर लौट रहे दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल की बेखौफ बदमाशों ने महज तीन मिनट में दुनिया ही उजाड़ दी। मासूमों के सामने पिता का कत्ल करने वालों का खौफ शायद ही बच्चों के दिमाग से निकले। वहीं पति की लाश देख पत्नी संगीता भी सहम गई। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वो तीन मिनट कितने खौफनाक होंगे, जब बदमाशों ने सरबजीत के सीने पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। देखिए मौके-ए वारदात की कुछ तस्वीरें:-
...वो खौफ के 3 मिनट, और मासूमों के सामने पिता हेड कॉन्स्टेबल का कत्ल, देखिए ये 7 तस्वीरें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाइक सवार तीन बदमाशों ने कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए रविवार को खरखौदा में दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी। हेड कॉन्स्टेबल पत्नी और बच्चों के साथ कार से जा रहा था। लूट का विरोध करने पर बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। इसके विरोध में सैकड़ों ग्रामीणों ने मेरठ-बुलंदशहर हाईवे पर कैली गांव के पास शव रखकर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों को साढ़े तीन घंटे तक आक्रोश झेलना पड़ा।
परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के गांव बढ़ला निवासी रिटायर्ड फौजी हरजीत सिंह के बेटे सरबजीत सिंह (34) दिल्ली के सुल्तानपुरी थाने में हेड कॉन्स्टेबल पद पर तैनात थे। रविवार सुबह वह अपने मामा के गांव कबट्टा में गुरुद्वारा में श्री गुरुग्रंथ साहिब के स्थापना कार्यक्रम में शामिल होने के लिए छुट्टी लेकर आए थे। सुबह करीब 9:30 बजे वह पत्नी संगीता, आठ साल की बेटी सुखमनि, छह साल के बेटे जपिंद्र और चार साल के बेटे तरुणकोष के साथ खरखौदा थाना क्षेत्र के कबट्टा गांव पहुंचे थे।
बता दें कि दोपहर करीब 3:30 बजे वह गांव से परिवार के साथ सेंट्रो कार से अपने गांव के लिए चले थे। कबट्टा-बवनपुरा संपर्क मार्ग पर पहुंचे तो पीछे से बाइक सवार तीन बदमाशों ने कार का पीछा करते हुए कई जगह रुकवाने की कोशिश की।
इस बीच बदमाशों ने ओवरटेक करते हुए अपनी बाइक को हेड कॉन्स्टेबल की कार के सामने अड़ा दिया। हेड कॉन्स्टेबल ने साइड से कार निकालने की कोशिश की तो एक बदमाश ने तमंचे की बट से कार के शीशे पर प्रहार किया, जिससे शीशा चटक गया। दूसरे बदमाश ने तमंचे से गोली चला दी। गोली शीशे को पार करते हुए हेड कॉन्स्टेबल सरबजीत सिंह की गर्दन में जा घुसी। उनकी बेटी को भी छर्रे लग गये। गोली लगने पर सरबजीत खून से लथपथ हालत में सीट पर ही गिर पड़े और कार अनियंत्रित होकर ईख के खेत में जा घुसी। उसके बाद भी बदमाशों ने कार की खिड़की खोलने की कोशिश की। इस बीच वहां से जा रहे सरफराज और अन्य लोगों ने शोर मचाया तो बदमाश फायरिंग करते हुए फरार हो गए। आसपास के लोग हेड कॉन्स्टेबल को आनंद अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।