घर आंगन को रोशन करती हैं बेटियां। पिता का प्यार, मम्मी के चेहरे पर खुशी की फुहार हैं बेटियां। आरती का उजियारा भी इन्हीं से है, इन पर परिवार को नाज है। अब बेटियां अभिशाप नहीं, बल्कि परिवार के लिए वरदान बन रही हैं। लोग बेटों से भी बढ़कर पालते हैं। बेहतरीन परवरिश देकर उनका जीवन संवारते हैं। यही बेटियां बड़ी होकर केवल दो परिवारों की जिम्मेदारी नहीं संभालतीं बल्कि विकास, राजनीति, खेल के हर मैदान पर देश, कुुटुंब का नाम रोशन करती हैं। डॉटर्स डे के अवसर पर बेटियों पर माता-पिता क्यों नाज़ करते हैं, कुछ कहानियां हम आपके लिए लाए हैं।
खुशनसीब हैं, मिली जुड़वा बेटियां
2 of 17
बेटी दिवस 2018
- फोटो : अमर उजाला
सी ब्लॉक शास्त्रीनगर निवासी राजेश और श्वेता शारदा के जुड़वा बेटियां रिया और श्रेया हैं। दोनों केएल इंटरनेशनल स्कूल में 11वीं साइंस स्ट्रीम की छात्रा हैं। साथ ही मेडिकल की तैयारी कर रही हैं। श्वेता बताती हैं दोनों बेटियों में महज 5 मिनट का अंतर है। रिया बड़ी है। बचपन में दोनों को पहचानना मुश्किल था। अब श्रेया लंबी है और रिया थोड़ी छोटी तो पहचान हो जाती है। श्रेया कहती हैं हम दोनों की पसंद, करियर ऐम समान है। दोनों एक क्लास, एक सेक्शन में है। 4 अगस्त को हम बर्थडे मनाते हैं।
जुड़वा बहनें संगीत इनकी पसंद
3 of 17
बेटी दिवस 2018
- फोटो : अमर उजाला
गीता गर्ल आलिया खान श्रीमद्भागवत गीता के श्लोक पढ़कर दुनियाभर में मशहूर हो गई, लेकिन कम लोग ही जानते हैं कि आलिया से 5 मिनट बड़ी उसकी जुड़वा बहन आलिमा है। घंटाघर निवासी अफरोज खान और शाहिद अनवर खान की जुड़वा बेटियां आलिया, आलिमा दोनों ही संगीत की शौकीन है। फिलहाल दोनों मुंबई में संगीत की शिक्षा ले रही हैं। सेठ बीके माहेश्वरी इंटर कॉलेज से 11वीं कला से पढ़ाई भी कर रही हैं। मम्मी अफरोज खान ने बताया बचपन से दोनों संगीत के पीछे पागल हैं। जब भगवत गीता श्लोक प्रतियोगिता हुई तो दोनों ने ही प्रतियोगिता में भाग लेकर श्लोक गाए। मैडम ने दोनों को साथ में तैयारी कराई। लेकिन आलिया विजेता बन गई और आलिमा पहला पुरस्कार नहीं जीत पाई।
बेटे से बढ़कर हमारी बेटियां
4 of 17
बेटी दिवस 2018
- फोटो : अमर उजाला
पार्षद विजय आनंद की दो बेटियां प्रियांशी और दिव्यांशी हैं। दोनों जुड़वा हैं। विजय आनंद कहते हैं कि बेटियां ही हमारे घर की रौनक हैं। दोनों सोफि या की टॉपर रही हैं, इस समय थापर विवि पटियाला से कंप्यूटर इंजीनियरिंग थर्ड सेमेस्टर में हैं। उन्हें तीन-तीन लाख रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति भी मिल रही है। मम्मी पारुल अग्रवाल कहती हैं कि जब से बेटियां बाहर पढ़ने गई हैं घर सूना हो गया है, हम लोगाें का तो मन भी नहीं लगता।
मम्मी-पापा की जान तरुशी, तविषी
5 of 17
बेटी दिवस 2018
- फोटो : अमर उजाला
फूलबाग कॉलोनी निवासी शिखा बंसल और विवेक बंसल की दो जुड़वा बेटियां तरुशी और तविशी हैं। दोनों बेटियां 12वीं की पढ़ाई पीसीएम विषय से कर रही हैं। प्रमुख बात यह कि दोनों ही बेटियों को टेबिल टेनिस खेलना पसंद है और स्टेट लेवल की खिलाड़ी रही हैं। मम्मी शिखा ने बताया कि तरुशी, तविषी से 2 मिनट बड़ी है लेकिन दोनों एक दूसरे को बेहद प्यार करती हैं।