उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में मंगलवार को एसएसपी ऑफिस में एक युवक ने खौफनाक कदम उठा लिया। घटना के बाद पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने युवक को गंभीर हालत में मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन, वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में गंभीरता से जांच शुरू कर दी है।
ये है मामला
मेडिकल थाना क्षेत्र के सराय काजी निवासी देवेंद्र सिंह ने अपने पड़ोसी से दस साल पहले एक लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। आरोप है कि पड़ोसी ने 10 साल में ब्याज लगाकर 10 लाख रुपये कर दिए। रुपये न लौटाने पर उसका मकान गिरवी रखवा लिया, बताया गया कि वह पड़ोसी को ढाई लाख रुपये दे भी चुका था। उसने बताया कि लॉकडाउन के दौरान वह उसे रुपये नहीं दे पाया तो उसके साथ गाली-गलौज की। आरोप है कि अब वह परिवार को बाहर निकालकर मकान में ताला लगाने की कोशिश कर रहा है। वहीं पीड़ित युवक ने मंगलवार को पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाई।
2 of 5
अपनी समस्या बताता युवक
- फोटो : Amar Ujala Meerut
पीड़ित युवक का आरोप था कि वह अब तक ढाई लाख रुपये दे चुका है। इसके बावजूद पड़ोसी उसके मकान के कागज देने को तैयार नहीं है, जिससे परेशान होकर देवेंद्र ने मंगलवार को एसएसपी कार्यालय में पहुंचकर सल्फास खा लिया। हालत गंभीर होने पर पुलिस ने उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
3 of 5
आपबीती सुनाता युवक
- फोटो : Amar Ujala Meerut
बताया गया कि देवेंद्र आज दोपहर करीब एक बजे एसएसपी कार्यालय पहुंचा, जहां कार्यालय में तैनात पुलिसकर्मियों से उसने कहा कि मैंने जहर खा लिया है, मुझे अधिकारियों से बात करनी है। इस पर पुलिसकर्मियों ने कार्यालय में मौजूद एसपी क्राइम को मामले की जानकारी दी गई।
4 of 5
युवक से जानकारी करती पुलिस
- फोटो : Amar Ujala Meerut
जानकारी के अनुसार जहरीले पदार्थ का सेवन करने से पहले एसपी ट्रैफिक जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने उसकी समस्या सुनी थी। एसपी ट्रैफिक और एसपी क्राइम द्वारा युवक से वार्ता के उपरांत उसे जिला चिकित्सालय भेज दिया गया था। जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई।
5 of 5
अधिकारियों को मामले की जानकारी देता युवक।
- फोटो : Amar Ujala Meerut
जाहिर है, यदि अफसर मामले में गंभीरता दिखाते तो युवक की जान बच सकती थी, लेकिन एसएसपी ऑफिस पर भी सुनवाई खानापूर्ति बनकर रह गई और युवक जान से हाथ धो बैठा। युवक की मौत की जानकारी लगते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।