विदेशी महिला थाने पहुंची और आपबीती बताते हुए बिलख पड़ी। इस दौरान विदेशी महिला ने गुस्से में कहा कि कितनी बढ़िया पुलिस हैं इंडिया की। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और फिर आरोपी को हिरासत में ले लिया। इसके बाद पीड़ित परिवार ने डीजीपी को ट्वीट कर मामले की जानकारी दी। डीजीपी ने तुरंत एसएसपी को फोन कर कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए। आइए आगे तस्वीरों के साथ जानते हैं आखिर मामला क्या है:-
थाने में आपबीती बताते हुए बिलख पड़ी विदेशी महिला, फिर डीजीपी को किया ट्वीट, जानें- क्या है मामला
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विदेशी नागरिक के साथ मारपीट का यह पहला प्रकरण नहीं है। दिसंबर 2012 में वियतनाम के नागरिक नील थॉमसन के साथ भी थाने में मारपीट का आरोप लगा था। बाद में मामला दूतावास तक पहुंचा तो आरोपी दौराला एसओ राम मिलन यादव को निलंबित किया गया था।
अब ताजा मामला थाना कंकरखेड़ा क्षेत्र का है। यहां थाने में ईरान निवासी अकबर खुशनवाज की पत्नी ताहिरा पुलिस को आपबीती सुनाते हुए बिलख पड़ी। महिला ने कहा कि उनके साथ छोटा बच्चा भी है। उनके पति को क्यों पीटा गया, यह किसी ने नहीं बताया। वह बचाव करने लगी तो उसके साथ भी मारपीट की। थाने में उल्टा उन्हीं के पति पर चोरी का आरोप लगा दिया।
महिला ने यह भी बताया कि वह इंडिया को बहुत पसंद करती है। उसे यहां के कपड़े और सामान पसंद हैं। विदेशी नागरिक के साथ मारपीट का मामला एंबेसी पहुंचा तो लखनऊ से जवाब तलब किया गया। पीड़ित ने डीजीपी को ट्वीट कर जानकारी दी। उसके बाद डीजीपी ने एसएसपी मेरठ को मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
महिला ने आरोप लगाया कि थाने के हेडमोर्हिरर ने उनका मोबाइल निकाल लिया था। काफी देर बाद उसे लौटाया। सादा कपड़ों में एक सिपाही ने भी समझौते की कोशिश की। सूचना पर इंटेलीजेंस टीम भी थाने पहुंची। उन्होंने विदेशियों के पासपोर्ट की जांच की। पुलिस का कहना है कि दो मई 2019 को विदेशी नागरिक अकबर खुशनवाज दिल्ली आए। इससे पहले 19 मई 2018 को भी वीजा लेकर भारत आए थे। जांच में सभी का पासपोर्ट सही पाया गया।
सीमेंट व्यापारी बोला, नहीं की मारपीट
वहीं आरोपी सीमेंट व्यापारी अतुल त्यागी और उनके पार्टनर पंकज कुमार का आरोप है कि दो माह पहले इसी कार से यही विदेशी नागरिक उनकी दुकान पर आए थे। बातचीत के दौरान उन्होंने गल्ले से 17 हजार रुपये चुरा लिए थे। उन्हें पूरी पहचान है कि इन्हीं ने पैसे चोरी किए थे। आरोपियों का कहना है कि मारपीट और लूट का आरोप गलत है। विदेशी नागरिक देखकर उन्होंने पुलिस को मौके पर बुलाया था। उनका कहना है कि विदेशी नागरिकों के पास पांच सौ के पुराने नोट हैं, पुलिस उनकी जांच नहीं कर रही है।