तीर्थनगरी मथुरा में आनंद और उल्लास में डूबे भक्त, भूख प्यास को भूलकर आराध्य के जन्म की प्रतीक्षा में सोमवार मध्यरात्रि घड़ी की टिक-टिक करती सुइयों को व्याकुलता से निहार रहे थे। रात्रि 12 बजे घड़ी की दोनों सुइयों का संगम होते ही भाद्रपद की कृष्ण पक्ष की अष्टमी पर ब्रज में कान्हा के जन्म का उद्घोष हो गया।
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Janmashtami 2024: प्रगटे कन्हाई... गोकुल में बाजत बधाई; गूंज उठे घंटे-घड़ियाल, तस्वीरों में देखें अलौकिक छटा
Tue, 27 Aug 2024 12:01 AM IST
भूपेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Tue, 27 Aug 2024 12:01 AM IST
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Janmashtami 2024: प्रगटे कन्हाई... गोकुल में बाजत बधाई
- फोटो : संवाद
कमल पुष्प एवं तुलसीदल से सहस्त्रार्चन करते सेवायत
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श्रीकृष्ण के जन्मस्थान पर माहौल कुछ इस प्रकार था कि घड़ी की सुई ने 11 बजने का इशारा किया तो श्री गणेश, नवगृह स्थापना के साथ पूजन शुरू हुआ। 11.55 बजे तक कमल पुष्प एवं तुलसीदल से व सहस्त्रार्चन हुआ। अब 12 बजने में में बस पांच मिनट बाकी थे।
Janmashtami 2024: प्रगटे कन्हाई... गोकुल में बाजत बधाई
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हर श्रद्धालु लल्ला के आगमन को लेकर आतुर था। 11.59 बजते ही प्राकट्य दर्शन के लिए युगल सरकार के पट बंद हो गए। इस एक मिनट के पल में श्रद्धालुओं को लगा मानो घंटों बीत रहे हों। ठीक 12 बजे लीलाधर के चलित श्रीविग्रह को भागवत भवन लाया गया।
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रोशनी से जगमगाता श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर गेट
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यहां रजत कमल पुष्प में विराजमान भगवान श्रीकृष्ण का श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास महाराज, श्रीकृष्ण जन्मस्थान के ट्रस्टी अनुराग डालमिया, सचिव कपिल शर्मा और सदस्य गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने सोने-चांदी से निर्मित 100 किग्रा की कामधेनु गाय की प्रतिमा में गंगाजल सहित पंचामृत भरकर लल्ला का अभिषेक किया।
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राधा कृष्ण के दर्शन करते श्रद्धालु
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श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की इस अद्भुत घड़ी पर भक्तों में उल्लास छा गया। श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर ढोल-नगाड़े और घंटे-घड़ियाल गूंज उठे। झांझ-मजीरे, मृदंग और शंख की मंगलध्वनि के बीच कान्हा के बधाई गीत गुंजायमान हो उठे। दर्शन का दौर 1:30 बजे तक चलता रहा।