फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

लखीमपुर खीरी: एक-एक रुपये जोड़कर बनाए घर, अब अपने हाथों से तोड़ रहे ग्रामीण, पीड़ितों ने लगाई मदद की गुहार

Sun, 13 Sep 2026 05:35 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: Mukesh Kumar Updated Sun, 13 Sep 2026 05:35 PM IST
सार

लखीमपुर खीरी जिले में शारदा नदी की तेज कटान के कारण रूरा सुल्तानपुर गांव के ग्रामीण अपने घर तोड़ने को मजबूर हैं। नदी किनारे करीब 60-70 घर खतरे में हैं। ग्रामीण ईंट व अन्य सामान बचाने के लिए खुद ही घर गिरा रहे हैं। 

विज्ञापन
villagers are demolishing their own homes due to fear of erosion of sharda river in lakhimpur kheri
कटान पीड़ितों ने लगाई मदद की गुहार - फोटो : अमर उजाला

लखीमपुर खीरी जिले में मजदूरी कर एक-एक रुपये जोड़कर जमीन खरीदी और उस पर अपना आशियाना खड़ा किया। वर्षों की मेहनत से बनाए घर को अब ग्रामीण अपने हाथों से तोड़ने को मजबूर हैं। वजह है शारदा नदी की कटान, जो लगातार गांव की ओर बढ़ रही है। गोला तहसील क्षेत्र के बिजुआ ब्लॉक के रूरा सुल्तानपुर गांव में नदी तेजी से कटान कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कई घरों के आसपास जमीन कट चुकी है और खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। घर इसलिए तोड़ रहे हैं, जिससे ईंट व अन्य सामान को सुरक्षित बचाया जा सके। 

villagers are demolishing their own homes due to fear of erosion of sharda river in lakhimpur kheri
खुद अपना घर तोड़ रहे ग्रामीण - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रूरा सुल्तानपुर गांव के ग्रामीणों के मुताबिक नदी किनारे करीब 60 से 70 घर हैं। कटान को देखते हुए सुरेश, विश्वनाथ, लाल बहादुर, अशोक, भूपेंद्र और संतोष समेत कई ग्रामीण अपने घरों को खुद ही तोड़ चुके हैं। उनका कहना है कि घर नदी में समाने का इंतजार करने से बेहतर है कि जो सामान बच सकता है, उसे सुरक्षित निकाल लिया जाए। घरों के साथ खेत और जमीन भी नदी की कटान की भेंट चढ़ रही है।

villagers are demolishing their own homes due to fear of erosion of sharda river in lakhimpur kheri
शारदा नदी के किनारे बैठे बुजुर्ग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
धूप में दिन, बारिश में भीगकर कट रही रात
ग्रामीणों ने बताया कि सिर छिपाने के लिए पक्की छत नहीं बची है। दिन में तेज धूप में खुले आसमान के नीचे रहना पड़ रहा है तो कभी अचानक बारिश होने पर भीगते हुए रात गुजारनी पड़ती है। बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से रहने के लिए अभी तक समुचित व्यवस्था नहीं की गई है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन
villagers are demolishing their own homes due to fear of erosion of sharda river in lakhimpur kheri
ग्रामीण हरीलाल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रामीणों का कहना है कि खाने की व्यवस्था भी नियमित नहीं है। एक दिन भोजन मिलता है तो अगले दिन परेशानी खड़ी हो जाती है। कई परिवार चटनी और सूखी रोटी के सहारे रात काटने को मजबूर हैं। घर टूटने के बाद कई दिनों से चूल्हा तक नहीं जला है। ग्रामीणों का दर्द है कि जब घर और जमीन ही नदी में समा रही है तो बच्चों को कहां रखें और उन्हें क्या खिलाएं।
विज्ञापन
villagers are demolishing their own homes due to fear of erosion of sharda river in lakhimpur kheri
कटान की जद में मकान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मंदिर भी कटान की कगार पर
ग्रामीणों के अनुसार शारदा नदी अब गांव के बेहद करीब पहुंच गई है। कटान की चपेट में आने से मंदिर भी खतरे में है। ग्रामीणों का आरोप है कि जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार मौके पर आते हैं तो केवल मंदिर तक जायजा लेकर लौट जाते हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि टूटे हुए घरों तक पहुंचकर उनकी स्थिति देखी जाए और प्रभावित परिवारों की तत्काल मदद की जाए। एक बार किट मिली है 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed