लॉक डाउन के बाद अब तक दोआबा में 4929 कामगार महानगरों से घर लौट चुके हैं। इनसे कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। शनिवार रात से रविवार की शाम तक दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद से जिन परिस्थितियों में ये कामगार आए हैं उसे देखकर जिले में हालात भयावह होना तय माना जा रहा है। इसे लेकर डीएम मनीष कुमार वर्मा ने सभी परदेशियों को प्रशासन द्वारा बनाए गए क्वारंटाइन सेंटरों पर रहने की व्यवस्था किया है। चेताया कि यदि किसी परदेशी ने बाहर घूमने का प्रयास किया तो सीधे उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जेल भेज दिया जाएगा।
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14 दिन तक क्वारंटाइन सेंटरों पर ही रहें परदेशी, बाहर मिले तो जाएंगे जेल:डीएम
Mon, 30 Mar 2020 12:56 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कौशाम्बी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कौशाम्बी
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 30 Mar 2020 12:56 AM IST
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- फोटो : Social Media
कोरोना वायरस को लेकर देश भर में हुए लॉक डाउन के चलते महानगरों में कामगार खाली हो गए। महानगरों में इनके रहने का ठौर न खाने का। लिहाजा सभी अपने-अपने घर लौटने लगे। शुक्रवार की शाम तक घर लौटने वालों की संख्या केवल तीन हजार के आसपास ही थी। पखवाड़े भर से आ रहे परदेशियों की थर्मल स्क्रीनिंग कराने के बाद सभी का होम क्वारंटाइन कराया जा रहा था। पर, शनिवार की रात को जैसे ही दिल्ली,नोएडा, गाजियाबाद से कामगारों का आना शुरू हुआ तो हालत बिगड़ गए। वाहनों में ठूंस-ठूंस कर आए इन परदेशी कामगारों को सैनी इलाके के कनवार बार्डर पर रोककर थर्मल स्क्रीनिंग कराई गई।
WHO Advisory about Corona Virus
- फोटो : Amar Ujala
इसके बाद जिले भर के सात स्थानों पर बनाए गए क्वारंटाइन सेंटरों में पहुंचा दिया गया। तमाम कामगार अपने-अपने घर भी चले गए। ऐसे कामगारों के बारे में ग्राम प्रधान, सेक्रेटरी व थाना पुलिस को सूचना दे दी गई। साथ ही निर्देशित किया गया कि गांव के प्राइमरी स्कूल और सामुदायिक केंद्रों को क्वारंटाइन सेंटर बनाकर सभी परदेशियों को 14 दिन तक रखा जाए। डीएम का कहना है कि बाहर से आए इन परदेशियों से संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा है। यदि किसी ने घर-परिवार से प्रेम दिखाने के चक्कर में क्वारंटाइन सेंटर से बाहर निकलने का प्रयास किया तो सीधे संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जेल भेज दिया जाएगा।
परदेश से लौटने वालों को 14 दिन अपनों से नहीं मिलने दिया जाएगा। इसके लिए प्रशासन ने गांवों के प्राइमरी स्कूलों व पंचायत भवनों सहित अन्य सरकारी बिल्डिंगों को कब्जे में ले लिया है। परदेशियों को यहीं पर रखा जाएगा। यहां पर भोजन-पानी आदि का इंतजाम कर दिया गया है। किसी ने घर जाने की कोशिश भी की तो एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी।
परदेशियों को लेकर लौट रही सभी बसें कनवार बार्डर पर ही रोक ली गईं। इनमें सवार जिले के लोगों को उतारकर थर्मल स्क्रीनिंग कराने के बाद बसों से सभी को गांव भेजा गया। जो ट्रक-ट्रेलर या दूसरे साधनों से आए थे, उन्हें सैनी और ककोढ़ा में उतार लिया गया। दूसरे जिलों के नागरिकों को रोकने के लिए प्रशासन ने कोइलहा, ककोढ़ा, शेषा, भरसवां और बरैसा गांव स्थित आश्रम पद्यति विद्यालयों के साथ जवाहर नवोदय विद्यालय टेवां तथा रैन बसेरा समदा में व्यवस्था की है। यहां पर सभी के सोशल डिस्टेंसिंग के रहने व खाने का प्रबंध किया गया है। किसी की भी तबीयत बिगड़ती है तो थर्मल स्कैनिंग कराई जाती है। सभी जगहों पर हजार के आसपास परदेशी रखे गए हैं। इन्हें 14 दिन बाद जाने दिया जाएगा।
डीएम-एसपी ने मोबाइल रहकर लॉक डाउन का लिया जायजा
डीएम मनीष कुमार वर्मा एवं पुलिस अधीक्षक अभिनन्दन रविवार को भी कनवार बार्डर सहित अन्य स्थानों पर भ्रमणशील रहकर लाकॅडाउन एंव अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। उन्होनें लोगों से कहा कि सभी लोग लाकॅडाउन का पूरी तरह से पालन करें, कोई भी व्यक्ति बाहर न निकले। डीएम ने लोगों से कहा कि कालाबाजारी एंव निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य लेने वाले लोगों के बारे में सूचना अवश्य दे, ऐसे लोगों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी एंव पुलिस अधीक्षक ने लोगों से अपील की कि सभी सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करें।परदेश से लौटने वालों को 14 दिन अपनों से नहीं मिलने दिया जाएगा। इसके लिए प्रशासन ने गांवों के प्राइमरी स्कूलों व पंचायत भवनों सहित अन्य सरकारी बिल्डिंगों को कब्जे में ले लिया है। परदेशियों को यहीं पर रखा जाएगा। यहां पर भोजन-पानी आदि का इंतजाम कर दिया गया है। किसी ने घर जाने की कोशिश भी की तो एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी।
परदेशियों को लेकर लौट रही सभी बसें कनवार बार्डर पर ही रोक ली गईं। इनमें सवार जिले के लोगों को उतारकर थर्मल स्क्रीनिंग कराने के बाद बसों से सभी को गांव भेजा गया। जो ट्रक-ट्रेलर या दूसरे साधनों से आए थे, उन्हें सैनी और ककोढ़ा में उतार लिया गया। दूसरे जिलों के नागरिकों को रोकने के लिए प्रशासन ने कोइलहा, ककोढ़ा, शेषा, भरसवां और बरैसा गांव स्थित आश्रम पद्यति विद्यालयों के साथ जवाहर नवोदय विद्यालय टेवां तथा रैन बसेरा समदा में व्यवस्था की है। यहां पर सभी के सोशल डिस्टेंसिंग के रहने व खाने का प्रबंध किया गया है। किसी की भी तबीयत बिगड़ती है तो थर्मल स्कैनिंग कराई जाती है। सभी जगहों पर हजार के आसपास परदेशी रखे गए हैं। इन्हें 14 दिन बाद जाने दिया जाएगा।