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कासगंज में बाढ़ का कहर: सड़कों पर चल रही नाव, कई गांव का कटा संपर्क; मुसीबत में 20 गांवों के हजारों ग्रामीण
Wed, 05 Aug 2026 08:25 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Published by: Arun Parashar
Updated Wed, 05 Aug 2026 08:25 PM IST
सार
कासगंज कई क्षेत्रों में बाढ़ से हालात बिगड़ रहे हैं। कई इलाकों में स्थिति इतनी खराब है कि लोग दोपहिया वाहन से भी सफर नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों को पहले नाव की मदद से अपने वाहन पानी से बाहर निकालने पड़ते हैं, तब वे आगे जा पाते हैं।
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नाव का सहारा लेने को मजबूर ग्रामीण।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कासगंज में गंगा के ऊपरी बैराजों से पानी का प्रवाह कम होने के बाद मुख्यधारा के जलस्तर में भले ही थोड़ी कमी आई हो, लेकिन बाढ़ के पानी से घिरे निचले इलाकों के ग्रामीणों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हालात जस के तस बने हुए हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है।
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गांव में भरा पानी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मूंझखेड़ा गांव की मुख्य सड़क कट जाने के कारण नगला हंसी, नगला नरपत, नगला दुर्जन और नगला खना समेत आसपास के कई गांवों का संपर्क कट गया है। इन इलाकों में स्थिति इतनी खराब है कि लोग दोपहिया वाहन से भी सफर नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों को पहले नाव की मदद से अपने वाहन पानी से बाहर निकालने पड़ते हैं, तब वे आगे जा पाते हैं।
बाढ़ के पानी से कट गए सड़क मार्ग।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
स्कूलों के बाहर पानी भरने से पढ़ाई प्रभावित
बच्चों के स्कूल जाने और बीमार मरीजों को अस्पताल ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि पटियाली बाजार पहुंचने के लिए भी लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है और मूंझखेड़ा में स्कूल के बाहर भी पानी भरा है।
बच्चों के स्कूल जाने और बीमार मरीजों को अस्पताल ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि पटियाली बाजार पहुंचने के लिए भी लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है और मूंझखेड़ा में स्कूल के बाहर भी पानी भरा है।
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बाढ़ से जनजीवन हुआ अस्त व्यस्त।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घरों के अंदर घुसा पानी
दूसरी ओर, सनौड़ी का गंगा पुल टूटा होने से नगला जयकिशन, नगला दिपी, नगला जैली, राजेपुर कुर्रा और न्यौली फतुआबाद समेत दर्जनभर से अधिक गांवों के लोगों की आवाजाही ठप है। कई गांवों के घरों के अंदर तक पानी पहुंच चुका है। लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बिगड़ चुकी है। पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए ऊंचे स्थानों पर बांधा जा रहा है, वहीं चारागाहों और खेतों में पानी भरने से पशुओं के लिए हरे चारे का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पशुपालकों को दूर-दराज के सूखे स्थानों से चारा काटकर लाना पड़ रहा है।
दूसरी ओर, सनौड़ी का गंगा पुल टूटा होने से नगला जयकिशन, नगला दिपी, नगला जैली, राजेपुर कुर्रा और न्यौली फतुआबाद समेत दर्जनभर से अधिक गांवों के लोगों की आवाजाही ठप है। कई गांवों के घरों के अंदर तक पानी पहुंच चुका है। लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बिगड़ चुकी है। पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए ऊंचे स्थानों पर बांधा जा रहा है, वहीं चारागाहों और खेतों में पानी भरने से पशुओं के लिए हरे चारे का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पशुपालकों को दूर-दराज के सूखे स्थानों से चारा काटकर लाना पड़ रहा है।
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कासगंज में बाढ़।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बैराजों से पानी का प्रवाह
हरिद्वार बैराज से- 107550 क्यूसेक
बिजनौर बैराज से- 97717 क्यूसेक
नरौरा बैराज से - 111969 क्यूसेक
कछला ब्रिज- 162.14 मीटर के निशान पर
गंगा के जलस्तर में लगातार कमी हो रही है। जल्द ही प्रभावित इलाकों में राहत लौटेगी। नरौरा बैराज से डिस्चार्ज कम हुआ है। -संदीप जैन, एसडीओ, सिंचाई
स्टीमर लगाना चाहिए
गांव को आने वाले तीन रोड कटे हुए हैं, जबकि आवागमन के लिए एक छोटी सी नाव लगी है। प्रशासन से मांग है कि गांव के लिए स्टीमर को लगा दिया जाए। ताकि स्कूल-कॉलेज के छात्र और अन्य जरूरतमंद लोग आसानी से आ-जा सके। -जगवीर सिंह, पूर्व प्रधान, नगला जयकिशन
गांव के बाहर मार्गों पर बाढ़ का पानी भरा है। वाहन से आ-जा नहीं सकते। नाव के जरिए जाना पड़ रहा है। गांव में स्वास्थ्य विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की टीम को भेजकर दवाएं दिलाई जाए। -हरि सरन, नगला जयकिशन
हरिद्वार बैराज से- 107550 क्यूसेक
बिजनौर बैराज से- 97717 क्यूसेक
नरौरा बैराज से - 111969 क्यूसेक
कछला ब्रिज- 162.14 मीटर के निशान पर
गंगा के जलस्तर में लगातार कमी हो रही है। जल्द ही प्रभावित इलाकों में राहत लौटेगी। नरौरा बैराज से डिस्चार्ज कम हुआ है। -संदीप जैन, एसडीओ, सिंचाई
स्टीमर लगाना चाहिए
गांव को आने वाले तीन रोड कटे हुए हैं, जबकि आवागमन के लिए एक छोटी सी नाव लगी है। प्रशासन से मांग है कि गांव के लिए स्टीमर को लगा दिया जाए। ताकि स्कूल-कॉलेज के छात्र और अन्य जरूरतमंद लोग आसानी से आ-जा सके। -जगवीर सिंह, पूर्व प्रधान, नगला जयकिशन
गांव के बाहर मार्गों पर बाढ़ का पानी भरा है। वाहन से आ-जा नहीं सकते। नाव के जरिए जाना पड़ रहा है। गांव में स्वास्थ्य विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की टीम को भेजकर दवाएं दिलाई जाए। -हरि सरन, नगला जयकिशन