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बिकरू कांड: माती जेल से बाराबंकी बालिका संप्रेक्षण गृह भेजी गई खुशी, किशोर न्याय बोर्ड ने किया था नाबालिग घोषित
Mon, 14 Sep 2020 10:42 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 14 Sep 2020 10:42 PM IST
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खुशी
- फोटो : अमर उजाला
बिकरू कांड के बाद एनकाउंटर में मारे गए अमर दुबे की पत्नी खुशी तिवारी को सोमवार को बालिका संप्रेषण गृह बाराबंकी भेजा गया है। किशोर न्याय बोर्ड ने एक सितंबर को उसे नाबालिग घोषित किया था। इसके बाद उसे बाराबंकी भेजने का आदेश दिया गया।
अमर और खुशी की शादी की फोटो
- फोटो : अमर उजाला
दो जुलाई को कुख्यात विकास दुबे को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर फायरिंग की गई थी। इससे सीओ समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए थे। इस घटना के दो दिन पहले 29 जून को विकास के करीबी अमर दुबे की पनकी निवासी खुशी तिवारी से शादी हुई थी।
खुशी के साथ विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने खुशी पर वहीं धाराएं लगाई जो विकास दुबे पर लगाई थीं। इसके बाद से खुशी माती जेल में बंद रही। खुशी के पिता ने उसे नाबालिग होने का प्रार्थना कोर्ट को दिया था। सुनवाई के बाद किशोर न्याय बोर्ड ने एक सितंबर को उसे नाबालिग घोषित किया। बोर्ड ने यह माना है कि घटना वाले दिन दो जुलाई को खुशी की उम्र 16 साल 10 माह 12 दिन थी।
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शादी में डांस करती खुशी
- फोटो : अमर उजाला
इस फैसले के बाद अब किशोर न्याय बोर्ड ने उसे माती जेल से बाराबंकी स्थित बालिका संप्रेषण गृह भेजने के आदेश दिए थे। जबकि, खुशी के माता-पिता उसे कानपुर या लखनऊ में शिफ्ट करने की मांग कर रहे थे।
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शादी में डांस करती खुशी
- फोटो : अमर उजाला
खुशी के अधिवक्ता शिवाकांत त्रिपाठी ने बताया कि बाराबंकी भेजे जाने पर उसके माता-पिता की परेशानी और बढ़ गई है। अब उससे मिलने के लिए लंबी यात्रा करनी पड़ेगी। बताया कि खुशी के पिता ट्रकों की बॉडी में पेंटिंग कर जीवन यापन करते हैं।
किशोर न्याय बोर्ड का आदेश मिलने के बाद खुशी को बाराबंकी बालिका संप्रेषण गृह भेज दिया गया है। - केके सिंह, जेलर माती