{"_id":"5f52959f8ebc3e54bb783519","slug":"vikas-dubey-kanpur-news-after-vikas-dubey-brother-in-law-is-bullying","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"विकास के बाद अब बहनोई कर रहा दबंगई, इलाके में जमीन कब्जाने से लेकर प्रधानी के हर काम में दखल देने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विकास के बाद अब बहनोई कर रहा दबंगई, इलाके में जमीन कब्जाने से लेकर प्रधानी के हर काम में दखल देने का आरोप
Tue, 08 Sep 2020 11:09 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 08 Sep 2020 11:09 PM IST
विज्ञापन
विकास दुबे (काले कोट में)
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दहशतगर्द विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद अब आजीवन कारावास की सजा पाए उसके बहनोई ने इलाके में दबंगई शुरू कर दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि बहनोई जमीन पर कब्जा करने के साथ ही प्रधानी के कामों में भी दखल दे रहा है।
विकास दुबे फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों ने आईजी कार्यालय पहुंचकर इसकी शिकायत आईजी मोहित अग्रवाल से की। आईजी के आदेश पर डीआईजी ने जांच सीओ बिल्हौर को सौंपी है। चौबेपुर के गांव बसेन निवासी संजय मिश्रा दर्जनों ग्रामीणों संग आईजी कार्यालय पहुंचे।
विकास दुबे एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने आईजी को बताया कि बसेन गांव में उनके नाना राजकिशोर की जमीन पर कब्जे के लिए विकास दुबे के बहनोई दिनेश तिवारी ने 30 अगस्त को भाई रमेश और साथियों संग कब्जे का प्रयास किया। विरोध करने पर गाली गलौज कर पुलिस के सामने ही जान से मारने की धमकी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
बसेन गांव निवासी निहाल सिंह यादव ने बताया कि बसेन गांव के प्रधान पर भी दिनेश का हाथ है। पंचायत बैंक के खाते में ग्राम प्रधान विनीत शर्मा की जगह दिनेश का मोबाइल नंबर पड़ा है। मनरेगा मजदूरों की पास बुक भी वह अपने पास रखता है।
विज्ञापन
हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
अपात्रों की कालोनी आवंटित कर रुपये लेता है। वे लोग असलहा लेकर घूमते हैं और धमकाते हैं। दिनेश को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा मिली है, वह इस समय जमानत पर बाहर है। डीआईजी डॉ प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि जांच सीओ बिल्हौर को दी गई है। कोई भी दबंगई करेगा तो जांच कर कार्रवाई होगी।