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यूपी: पांच जिलों के कोविड अस्पतालों ने छिपाया 300 मौतों का सच, हर दिन के साथ गहरा रहा है शक
Fri, 13 Aug 2021 10:05 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 13 Aug 2021 10:05 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
पांच जिलों के कोविड अस्पताल कोरोना से हुई 300 मौतों का ब्यौरा दबाए बैठे हैं। इससे इन मौतों का ऑडिट नहीं हो पा रहा है। अगर इन मौतों का ब्यौरा मिल जाता तो यह पता चल पाता कि इलाज में किस प्रकार की गलती हुई है। रिकार्ड न देने से शक गहरा रहा है कि अस्पतालों में रोगियों के इलाज में चूक हुई है। डेथ ऑडिट टीम ने अस्पतालों को एक बार फिर नोटिस जारी करके ब्यौरा उपलब्ध कराने को कहा है। सबसे अधिक कोरोना रोगियों की मौत हैलट में हुई हैं। यहां की तो मौतों का ब्यौरा मिल गया है लेकिन दूसरे अस्पताल वालों ने अभी नहीं दिया है। इसके अलावा कानपुर देहात, उन्नाव, फर्रुखाबाद और कन्नौज से रोगियों का ब्यौरा नहीं मिला है। इनमें सबसे अधिक केस फर्रुखाबाद के हैं।
अंतिम संस्कार के लिए लगी लाइन
- फोटो : amar ujala
बताया जा रहा है कि कोरोना की दूसरी लहर में हुई मौतों का अध्ययन करने के बाद तीसरी लहर के लिए गाइडलाइन तैयार की जाएगी।
रात को भी जलती थी चिताएं
- फोटो : amar ujala
दूसरे लहर में बहुत से रोगी ऐसे भी हैं जो बहुत देर से अस्पताल पहुंच पाए। शुरुआत में नर्सिंगहोम बिल बढ़ाने के चक्कर में उन्हें रोके रहे। इसके अलावा इलाज में भी कमी रही है।
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कोरोना में ऑक्सीजन की कमी से मचा था कोहराम
- फोटो : amar ujala
डेथ ऑडिट कमेटी के प्रभारी डॉ. एसके गौतम का कहना है कि हैलट का ब्यौरा तो मिल गया है। अभी अन्य कुछ जगहों का बाकी है।
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कोरोना से मचा था कोहराम
- फोटो : amar ujala
सीएमओ डॉ. नेपाल सिंह का कहना है कि सभी अस्पतालों को ब्यौरा उपलब्ध कराने के संबंध में निर्देश जारी किए जा चुके हैं।