यूपी की इस नदी पर अब योगी और शिवराज होंगे आमने-सामने, जानिए क्या है मामला
-यूपी की केन नदी से एमपी के पट्टे पर हो रहा खनन
-सीमावर्ती खदानों में बालू माफियाओं का खेल
-मध्यप्रदेश में भी है भाजपा सरकार
- यूपी में रोक है, एमपी में चल रहीं हैं खदानें
- रोजाना लाखाें की रायल्टी को लगा रहा चूना
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यूपी के नए सीएम ने अवैध खनन पर सख्त रुख अपनाते हुए दो टूक शब्दों में खबरदार कर दिया है कि अवैध खनन हुआ तो डीएम और एसपी सीधे जिम्मेदार होंगे। इस सख्त चेतावनी के बाद अधिकारियों में कुछ खौफ पैदा हुआ है। डीएम और एसपी तक अवैध खनन की चेकिंग को निकलने लगे हैं। लेकिन बुंदेलखंड की सरहद से जुड़े मध्य प्रदेश में खनन पर कोई रोक नहीं है। वहां भाजपा की सरकार ने खदानों के पट्टे दे रखे हैं।
बांदा जिले की सरहद से जुडे़ एमपी के पन्ना जनपद के अजयगढ़ थाना अंतर्गत चंदौरा गांव के पास केन नदी में पिछले वर्ष से रात-दिन जबरदस्त बालू का खनन हो रहा है। लगभग 1000 ट्रक यहां से प्रतिदिन बालू लेकर यूपी-एमपी के विभिन्न शहरों में रवाना हो रहे हैं। चंदौरा घाट में नदी के इस पार बांदा जनपद की सीमा है।
इसमें भी काफी बालू है। चंदौरा घाट के नाम पर बांदा की खदानों से भी बालू निकाली जा रही है। बालू के ट्रक गिरवां थाना क्षेत्र से बांदा जनपद में प्रवेश करके अपने गंतव्य को रवाना हो रहे हैं। ऐसे में अवैध खनन को पूरी तरह रोक पाना टेढ़ी खीर बन गया है। मध्य प्रदेश सरकार की रोक के बिना अवैध खनन रूकना नामुमकिन है।
खनन पर कोर्ट ने लगाई है रोक
बुंदेलखंड में बालू खदानों और पट्टों की स्थिति
जनपद खदान पट्टे रिक्त क्षेत्र
बांदा 190 86 104
चित्रकूट 141 118 23
हमीरपुर 83 79 04
महोबा 330 327 03
जालौन 89 38 51
ललितपुर 129 98 31
झांसी 349 279 70
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योग 1311 1025 286
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नोट- उपरोक्त आंकडे़ समाजसेवी आशीष सागर द्वारा आरटीआई के तहत जुटाए गए हैं।
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