रविवार को रायबरेली में हुए सड़क हादसे में सीबीआई के प्रमुख गवाह की जान चली गई। भले ही पुलिस के अधिकारी इसे हादसा मानकर जांच कर रहे हैं, पर मौत के 16 दिन पहले ही दुष्कर्म पीड़िता ने अपनी व परिवार की जान को खतरा बता एसपी व सीबीआई से सुरक्षा की गुहार लगाई थी। पूर्व के घटनाक्रम की तरह इस बार भी पुलिस की अनदेखी से पीड़िता के परिवार के दो लोगों की जान चली गई।
उन्नाव कांड: दुष्कर्म पीड़िता ने एसपी व सीबीआई से लगाई थी सुरक्षा की गुहार, 16 दिन पहले मिली थी धमकी
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विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली पीड़िता व उसकी चाची ने 12 जुलाई को एसपी एमपी वर्मा व सीबीआई को प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि वह व उसके परिजन सीबीआई के गवाह हैं। सात जुलाई की सुबह 9 बजे एक कार से आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर व सह आरोपी शशि सिंह के परिजन व दो अज्ञात व्यक्ति आए और मुकदमों में सुलह का दबाव बनाया।
ऐसा न करने पर जानमाल की धमकी दी। पूरे परिवार को फर्जी मुकदमों में फंसाकर जेल भिजवाने तक की बात कही। पुलिस ने कार्रवाई तो दूर शिकायत की जांच कराना भी उचित नहीं समझा। रविवार को हुए हादसे में हुई मौतों के बाद अब परिजन सीधे हत्या का आरोप लगा रहे हैं। दुष्कर्म पीड़िता के चाचा की तहरीर पर विधायक कुलदीप सिंह समेत अन्य पर रायबरेली में मुकदमा भी दर्ज हो गया।
पीड़िता ने सुरक्षा से मना किया तो क्यों नहीं दी जानकारी
रायबरेली में हुई घटना के समय दुष्कर्म पीड़िता की सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों की गैरमौजूदगी को लेकर पुलिस के अधिकारियों ने बयान दिया कि कार में जगह न होने से पीड़िता ने सुरक्षा कर्मियों को साथ चलने से मना कर दिया। हालांकि पुलिस के पास इसका कोई प्रमाण नहीं है। सवाल यह है कि यदि दुष्कर्म पीड़िता ने सुरक्षा कर्मियों को साथ चलने से मना किया तो उन्होंने अपने अधिकारियों को लिखित या मौखिक तौर पर जानकारी क्यों नहीं दी। आरआई लाइन सुभाष चंद्र मिश्र ने बताया कि सुरक्षा में लगे सिपाहियों ने किसी तरह की लिखित या मौखिक जानकारी नहीं दी।
बिंदुवार मांगी गई सुरक्षा की डिटेल
दुष्कर्म पीड़िता के पिता की मौत और विधायक कुलदीप सिंह, उनके भाई अतुल सिंह समेत अन्य पर मुकदमा दर्ज होने के बाद से अब तक पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा में फोर्स किस तरह तैनात किया गया। आईजी जोन लखनऊ एसके भगत ने एसपी एमपी वर्मा से इसका पूरा ब्यौरा तलब किया गया है। ब्यौरा जुटाने में पूरे दिन एलआईयू की टीम माथापच्ची करती रही।