बच्चे किताबें पढ़ें, इसी उद्देश्य से नटस्पेस संस्था की ओर से यूपी स्टॉक एक्सचेंज के सभागार में नाटक द टाइगर हू केम टु टी का मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से किताबों को मनोरंजक बनाते हुए बच्चों को पढ़ने पर विवश करने का उद्देश्य दिया।
जुडीथ केर की बेस्ट सेलिंग स्टोरी बुक पर आधारित नाटक में रोहिनी व्रिज ने टाइगर का रोल निभाया। मुकुल खट्टर ने लड़की सोफी के पिता का रोल निभाया। सोफी का किरदार अनम ने निभाया। 20 मिनट के नाटक में दिखाया कि मां-बेटी चाय पर बैठे थे।
तभी घंटी बजती है और टाइगर आ जाता है। वह घर में प्रवेश करते ही खाने-पीने घूमने में मस्त हो जाता है। टाइगर को देखकर पहले तो वे लोग डरते हैं फिर सोफी टाइगर से घुल मिल जाती है। इसके बाद वह टाइगर को खिला पिला कर खुशी-खुशी विदा करती है।
इसके बाद जब यह घटना सोफी अपने पिता को बताती है तो वह विश्वास नहीं करते हैं। नाटक से संदेश दिया गया कि बच्चों को एकाकी जीवन न जीने दें। यदि वह एकांत में जी रहा है तो उनके साथ घुले मिलें और मित्रवत व्यवहार करें।