अमर उजाला कानपुर में बाल दिवस के अवसर पर अतिथि संपादकों के बीच देश-प्रदेश की राजनीति, समाज में मीडिया की भूमिका व दायित्व जैसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। साथ ही उन्होंने अखबार से जुड़े कई सवाल भी किए।
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अतिथि संपादकों ने अमरउजाला का किया संपादन
किसी ने खबरों के चयन का आधार तो किसी ने प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया के अंतर को लेकर सवाल किया। किसी ने संघर्ष कर रहे लोगों की कहानी को प्रमुखता से छापने पर जोर दिया तो किसी ने अंतरराष्ट्रीय खबरों को बढ़ाने के लिए कहा।
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अतिथि संपादकों ने अमरउजाला का किया संपादन
इसके बाद अतिथि संपादकों ने खबरों की सूची देखी। इसके आधार पर अखबार की रूपरेखा तय की गई। बाल दिवस की पूर्व संध्या पर कुछ अनोखा कर छात्राएं काफी खुश हुईं। उनका कहना था यह पहला मौका है, जब उन्हें किसी अखबार में अतिथि संपादक बनाने का मौका मिला।
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अतिथि संपादकों ने अमरउजाला का किया संपादन
11 स्कूलों से आई इन छात्राओं ने न सिर्फ अखबार में कामकाज का तरीका देखा, बल्कि खबरों की प्राथमिकता तय कर अखबार भी सजाया। शाम को पांच बजे कार्यालय पहुंचीं अतिथि संपादकों को सबसे पहले अमर उजाला की टीम ने अखबार की कार्यप्रणाली समझाई।
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इसके बाद उन्हें सिटी रिपोर्टिंग, सिटी डेस्क, डिजिटल टीम, फ्रंट पेज, कोऑर्डिनेशन और अपकंट्री डेस्क के कामकाज के बारे में जानकारी दी। छात्राओं ने संपादकीय सहयोगियों से अखबार की डेडलाइन के अलावा पेजमेकिंग, पन्ने पर लीड और एंकर तय करने जैसी जानकारियां भी हासिल कीं।