उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े राजनैतिक घराने में राज्यसभा सीटाें पर हाेने वाले मतदान से ठीक पहले कलह के बादल छटने लगे हैं। अखिलेश ने मतदान से ठीक पहले अपने अावास पर एक डिनर पार्टी का अायाेजन किया था जिसमें चाचा शिवपाल भी अखिलेश यादव के साथ मुस्कुराते हुए नजर अाए।
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शिवपाल के सपा में एक्टिव हाेते ही गड़बड़ाया राज्यसभा में बीजेपी के 9वें उम्मीदवार की जीत का गणित
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 23 Mar 2018 09:24 AM IST
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अखिलेश यादव एवं शिवपाल यादव
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अखिलेश यादव की डिनर पार्टी में चाचा शिवपाल
उत्तर प्रदेश की राजनीति में सपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष शिवपाल यादव का अपना कद है। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए शुक्रवार को मतदान होना है। शिवपाल यादव के एक्टिव होते ही बीजेपी के 9वें उम्मीदवार की जीत के सपने को ग्रहण लग गया है।
शिवपाल यादव के साथ अखिलेश यादव
राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के पक्ष में वोट डालने का ऐलान कर चुके निषाद पार्टी के इकलौते विधायक विजय मिश्रा शिवपाल यादव से मिलने उनके घर पहुंच गए। सूत्राें की मानें ताे बीएसपी उम्मीदवार भीमराव अंबेडकर को जिताने की कमान विपक्ष की ओर से अब शिवपाल यादव के हाथ में आ गई है। देश के सबसे बड़े सूबे की सभी पार्टियां अपना-अपना किला बचाने में जुटी हैं।
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अखिलेश यादव से बात करते चाचा शिवपाल
एक राज्यसभा सीट को जीतने के लिए 37 वोटों की जरूरत हाेती है। बीजेपी अपने बूते 8 राज्यसभा सीटों पर आसानी से जीत जाएगी। इसके बाद बीजेपी और उसके सहयोगियों के 28 वोट बचते हैं। ऐसे में 9वीं सीट के प्रत्याशी अनिल अग्रवाल को जिताने के लिए उसे 9 और वोटों की जरूरत है। निर्दलीय और सपा-बसपा के बागी विधायकों के सहारे बीजेपी अपनी जीत की आस लगाए हुए हैं।
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अखिलेश यादव के साथ डिंपल यादव एवं जया बच्चन
शिवपाल के मैदान में उतरते ही बीजेपी का 9 सीटाें पर कब्जा जमाने का सपना बिखरता हुअा नजर अा रहा है। बीजेपी शिवपाल अाैर अखिलेश की नाराजगी काे अपने 9वें उम्मीदवार की जीत का कारण बना रही थी लेकिन अखिलेश ने राज्यसभा चुनाव से दो दिन पहले शिवपाल को अपने साथ लाकर बीजेपी के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। अब शिवपाल सपा और बसपा के उम्मीदवार को जिताने की जद्दोजहद में जुट गए हैं।