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यूपी: भीषण ठंड के बीच कई जिलों में भारी बारिश के साथ गिरे ओले, कानपुर में बिजली गिरने से दो की मौत
Fri, 03 Jan 2020 10:26 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 03 Jan 2020 10:26 AM IST
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कानपुर में भीषण ठंड के बीच हुई झमाझम बारिश
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर में गुरुवार सुबह धूप ने ठंड कम की तो शाम को बारिश और ओले गिरने से गलन बढ़ गई। कानपुर में दक्षिण क्षेत्र, नारामऊ, चौबेपुर, बिठूर आदि जगह ओले गिरे। चित्रकूट, इटावा, उन्नाव, फतेहपुर में भी बारिश हुई। दिन में 23 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा पारा बारिश होते ही उतरने लगा। वहीं देर शाम बारिश के दौरान बिजली गिरने से कानपुर में दो लोगों की मौत हो गई। गुरुवार को न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सीएसए के मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को भी बारिश हो सकती है।
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बारिश के साथ गिरे ओले
- फोटो : अमर उजाला
पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में बदलाव आया है। चौबीस घंटे के अंदर गुरुवार को अधिकतम पारा 5.6 डिग्री और न्यूनतम पारा 4.2 डिग्री सेल्सियस तक चढ़ गया। धूप निकलने से माहौल में तब्दीली आ गई थी। खुशनुमा माहौल का आनंद लेने के लिए लोग सपरिवार घूमने निकलने पड़े। मौसम विभाग का कहना है कि बुधवार रात को बदली हो जाने से तापमान बढ़ गया था। साथ ही बादल घने होते गए।
कानपुर में भारी बारिश
- फोटो : अमर उजाला
हवा का रुख उत्तर पूर्वी से दक्षिण पूर्वी हो गया। विभाग ने गुरुवार को बारिश का अनुमान जाहिर किया था। शाम होते ही पहले बूंदाबांदी फिर बारिश शुरू हो गई। थोड़ी देर में ही ओले गिरने लगे। इससे लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ा। सड़क किनारे रहने वालों की दुश्वारियां बढ़ गईं। शनिवार को भी बारिश का अनुमान है।
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ठंड के बीच बारिश ने बढ़ाई गलन
- फोटो : अमर उजाला
सीएसए मौसम विभाग के प्रभारी डॉ. नौशाद खान का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण सिस्टम बन गया है। साइक्लोनिक हवाएं भूमध्य सागर, काला सागर और कैस्पियन सागर से आकर हिमालयी शृंखला से टकराती हैं। इसके बाद हवाओं के साथ इनका असर मैदानी इलाकों में आता है। एक-दो दिन बारिश के आसार हैं।
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बारिश के साथ गिरे ओले
- फोटो : अमर उजाला
ओले और बारिश से फसलों को फूल झड़े
बारिश और ओलों से फूल रही फसलों को नुकसान है। सीएसए के कृषि मौसम विज्ञानी डॉ. नौशाद खान ने बताया कि चार जनवरी तक बारिश का अनुमान है। जिन क्षेत्रों में ओले पड़े हैं, वहां फूल रही फसलों को नुकसान हो सकता है। इस समय सरसों की फसल भी फूल रही है। इसके साथ ही दलहनी और आलू की फसल को भी नुकसान हो सकता है। बारिश से गेहूं और जौ की फसल को फायदे की उम्मीद है।
बारिश और ओलों से फूल रही फसलों को नुकसान है। सीएसए के कृषि मौसम विज्ञानी डॉ. नौशाद खान ने बताया कि चार जनवरी तक बारिश का अनुमान है। जिन क्षेत्रों में ओले पड़े हैं, वहां फूल रही फसलों को नुकसान हो सकता है। इस समय सरसों की फसल भी फूल रही है। इसके साथ ही दलहनी और आलू की फसल को भी नुकसान हो सकता है। बारिश से गेहूं और जौ की फसल को फायदे की उम्मीद है।