लगातार बारिश से यूपी के कानपुर महानगर और आसपास के इलाकों में आम जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है । हालत यह है कि लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हैं। कानपुर के आसपास के कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात हैं। राहत कार्य में जुटी टीमों ने पानी में फंसे लोगों को निकलवाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
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भारी बारिश से बेहाल हुए लोग
- फोटो : अमर उजाला
बिनगवां गांव के निचले इलाके में करीब सात फीट तक पानी भरने से डेढ़ सौ परिवार प्रभावित हुए हैं। गृहस्थी छत पर रखकर लोग सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं। वहीं, खलील और छोटे प्रजापति के कच्चे घर गिर गए हैं। उनकी गृहस्थी बरबाद हो गई है। पांडु नदी से सटे सरस्वती नगर, आशा नगर और द्विवेदी नगर में सड़कें जलमग्न हो गईं हैं। तीन फीट तक पानी भरने से करीब 300 से अधिक परिवार घरों में कैद हैं।
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पार्षद मेनका सेंगर ने बताया कि बिनगवां गांव के निचले इलाकों में रहने वालों को प्राइमरी स्कूलों में ठहराया गया है। करीब 100 परिवार घरों में ताला लगाकर रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। जलभराव से सरस्वती नगर, आशा नगर और द्विवेदी नगर में भी संकट मंडरा रहा है।
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बारिश से पीड़ित 3470 लोगों को आठ राहत शिविरों में शरण दिलाई गई है। प्रशासन ने बारिश के कारण जिले में सिर्फ एक व्यक्ति की मौत और दो के घायल होने का दावा किया है। मृतक व्यक्ति सदर तहसील के दासूखेड़ा गांव का है। कहा गया है कि छज्जा गिरने से उसकी मौत हुई। 12 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
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लगातार चार दिन से अत्यधिक बरसात, पांडु नदी और गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण शहरी क्षेत्रों में भारी जलभराव हो गया। कई गांव पानी से घिर गए हैं। गुजैनी, रतनलाल नगर, सुंदरनगर और कल्याणपुर के क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। जिला प्रशासन ने दावा किया है कि अब तक शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के 3470 प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।