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तीन बैंकों का आपस में विलय किया जाना है, खाताधारकों की सहूलियत के लिए की गई ये सुविधा
Thu, 20 Dec 2018 05:34 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 20 Dec 2018 05:34 PM IST
सार
- खाताधारकों को परेशानी न हो, इस वजह से आरबीआई ने वित्त मंत्रालय को भेजा प्रस्ताव
- तीनों बैंकों का नाम चलाने का प्रस्ताव, बैंकों का अपना ब्रांड नेम बना रहेगा
- शहर में बॉब की 96, विजया बैंक की पांच और देना बैंक की तीन शाखाएं
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विस्तार
कानपुर में बैंक ऑफ बड़ौदा, देना और विजया बैंक का आपस में विलय किया जाना है पर हो सकता है कि इनके नामों में परिवर्तन न किया जाए। हां, इतना जरूर होगा कि शाखा और एटीएम बूथ के बोर्ड में तीनों बैंकों के नाम लिखे होंगे। सबसे पहले बैंक ऑफ बड़ौदा का नाम होगा, इसके बाद बाकी दोनों बैंकों के नाम।
खाताधारकों को परेशानी न हो और बैंकों का अपना ब्रांड नेम बरकरार रहे, इसको देखते हुए आरबीआई ने यह प्रस्ताव बनाकर दिसंबर के दूसरे सप्ताह में वित्त मंत्रालय को भेजा है। शहर में बैंक ऑफ बड़ौदा की 96, विजया बैंक की पांच और देना बैंक की तीन शाखाएं हैं।
इन सभी में करीब चार लाख खाताधारक हैं। सरकार ने सितंबर में तीनों बैंकों का आपस में विलय करने का एलान किया था। इसकी प्रक्रिया चल रही है। बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखाएं दूसरे देशों में भी हैं, जबकि अन्य दो बैंकों शाखाएं देश में ही हैं।
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खाताधारकों को परेशानी न हो और बैंकों का अपना ब्रांड नेम बरकरार रहे, इसको देखते हुए आरबीआई ने यह प्रस्ताव बनाकर दिसंबर के दूसरे सप्ताह में वित्त मंत्रालय को भेजा है। शहर में बैंक ऑफ बड़ौदा की 96, विजया बैंक की पांच और देना बैंक की तीन शाखाएं हैं।
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इन सभी में करीब चार लाख खाताधारक हैं। सरकार ने सितंबर में तीनों बैंकों का आपस में विलय करने का एलान किया था। इसकी प्रक्रिया चल रही है। बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखाएं दूसरे देशों में भी हैं, जबकि अन्य दो बैंकों शाखाएं देश में ही हैं।
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ऐसे में तीनों के बैंकों विलय के बाद नए नाम पर खाताधारकों में असमंजस हो सकता है। इसको देखते हुए ही नाम न बदलने का प्रस्ताव भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद इस पर काम शुरू होगा।
नए एटीएम कार्ड और पासबुक में होंगे तीनों नाम
सूत्रों ने बताया कि खाताधारकों को बैंकिंग संबंधी किसी भी परेशानी से बचाने के लिए यह प्रस्ताव भेजा गया है। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि इन बैंकों की ग्रामीण क्षेत्रों में भी शाखाएं हैं। इसके अलावा अभी भी बैंकिंग के प्रति लोगों में जागरुकता की कमी है।
ऐसे में कोई खाताधारक मान लो एटीएम जाता है तो वह नया नाम देखकर असमंजस की स्थिति में रहेगा। जिस बैंक में खाता है, उसका भी नाम बोर्ड में होगा तो उसे कोई परेशानी नहीं होगी। यदि कोई खाताधारक विलय के बाद नया एटीएम या पासबुक लेता है तो उसमें भी तीनों बैंकों के नाम होंगे।
नए एटीएम कार्ड और पासबुक में होंगे तीनों नाम
सूत्रों ने बताया कि खाताधारकों को बैंकिंग संबंधी किसी भी परेशानी से बचाने के लिए यह प्रस्ताव भेजा गया है। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि इन बैंकों की ग्रामीण क्षेत्रों में भी शाखाएं हैं। इसके अलावा अभी भी बैंकिंग के प्रति लोगों में जागरुकता की कमी है।
ऐसे में कोई खाताधारक मान लो एटीएम जाता है तो वह नया नाम देखकर असमंजस की स्थिति में रहेगा। जिस बैंक में खाता है, उसका भी नाम बोर्ड में होगा तो उसे कोई परेशानी नहीं होगी। यदि कोई खाताधारक विलय के बाद नया एटीएम या पासबुक लेता है तो उसमें भी तीनों बैंकों के नाम होंगे।