आश्रम में बलात्कार के मामले में आसाराम बापू को सजा दिलाने के लिए रेप पीड़िता की पांच साल की कड़ी मेहनत रंग लाई। लेकिन इस केस का अहम किरदार राहुल सचान आज भी लापता है। कानपुर निवासी राहुल सचान के घरवालों ने उसकी हत्या की आशंका जताई है। महानगर के घाटमपुर इलाके में रहने वाले राहुल सचान ने आसाराम के आश्रम की जिम्मेदारी संभाल रखी थी। राहुल ही आसाराम के खिलाफ मुख्य गवाह था। जब आसाराम पर केस चल रहा था तो राहुल पर कई बार जानलेवा हमले भी हुए थे।
आसाराम को सजा दिलाने में अहम कड़ी राहुल सचान आखिर कहां हुआ गायब, घरवालों को हत्या की आशंका
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कानपुर सजेती थानाक्षेत्र के निमधा गांव निवासी रामकुमार सचान और उनकी पत्नी पुष्पा सचान को लगता है कि उनके बेटे राहुल सचान की हत्या आसाराम बापू के इशारे पर कर दी गई। इसी वजह से पिछले तीन सालों से उसकी कोई खोज-खबर नहीं मिल रही है। सचान के घरवालों के मुताबिक उनका छोटा बेटा राहुल अहमदाबाद स्थित आसाराम बापू के आश्रम में रहता था। राहुल अपने कानपुर वाले घर मे बहुत कम आता था। उसका मन घर पर नहीं लगता था। राहुल पर आसाराम ने जैसे कोई जादू टोना कर दिया था। वह हमेशा आश्रम में ही बना रहता था। आश्रम में एक दिन कुछ ऐसा हुआ कि उसे आसाराम से नफरत हो गई।
राहुल के पिता रामकुमार का बताते हैं कि बेटे ने उन्हें आसाराम की करतूतों की कहानियां सुनाईं। राहुल ने बताया था कि आसाराम अपनी कुटिया में नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण करता है। लड़कियों को आसाराम के पास ले जाने के लिए उसी के आश्रम की तीन महिलाएं मददगार बनती थीं। राहुल ने कई बार आसाराम से इस बारे में बात की थी कि वह यह सही नहीं कर रहे। आसाराम राहुल की बातों को ध्यान को कभी ध्यान नहीं देता था एक दिन उसने अपने गार्ड से कहकर राहुल के आश्रम से बाहर निकाल दिया। राहुल के माता-पिता ने उसका जीवन बेहतर बनाने के लिए मुंबई से ऑडियो एडिटिंग की ट्रेनिंग दिलाई और फिल्म इंडस्ट्री में जाने को कहा। लेकिन राहुल को आसाराम की भक्ति पसंद थी। साल 2004 में आखिरी बार घरवालों ने राहुल को देखा था। इसके बाद फोनकॉल पर बात हो रही।
पिता रामकुमार बताते हैं कि राहुल ने कुछ साल बाद टेलीफोन पर बताया था कि आसाराम के आश्रम में लड़कियों के साथ दुराचार होता है। इसी दरम्यान वर्ष 2013 में यूपी के शाहजहांपुर की एक लडक़ी ने आसाराम पर दुराचार का मामला दर्ज करा दिया तो राहुल की गवाही पर पुलिस ने उसे मुख्य गवाह बनाकर मामले को आगे बढ़ाया। वर्ष 2015 की फरवरी में जोधपुर कोर्ट के परिसर में राहुल पर चाकुओं से हमला किया गया। इसके बाद वह लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में पुलिस के पहरे में रहता रहा, लेकिन नवंबर 2015 को कैसरबाग बसअड्डे से गायब हो गया। बस में सवार होते समय राहुल ने अपनी सुरक्षा में तैनात सिपाही अमित सिंह से एक दिन बाद लौटने का वादा किया था, लेकिन लौटे नहीं। मां बाप को ऐसा लगता है कि उनके बेटे की हत्या करा दी गई। तभी तो उसकी कोई खोज खबर नहीं मिल रही है।