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मल्टी टास्किंग प्रोजेक्ट से बढ़ रहा 'HEART ATTACK' का खतरा, बचना है तो जिंदगी से निकाल दें ‘5 S’
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 15 Apr 2018 09:52 AM IST
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डॉक्टर नेहा गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
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आईएमए सीजीपी रिफ्रेशर कोर्स के सातवें दिन शनिवार को कानपुर के कार्डियोलॉजी के सीनियर डॉक्टर आरपीएस भारद्वाज ने बताया कि आईआईटी के कुछ छात्रों और आईटी इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को गंभीर हृदय रोग एक्यूट हार्ट डिसीज हो रही है। इसमें हृदय की धमनी बंद बंद हो जाती है। उनके पास एक साल में ऐसे सौ से ज्यादा मरीज आए। सभी की उम्र 40 से कम थी। इसकी वजह सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक कार्य करना, मल्टी टास्किंग प्रोजेक्ट और एक कार्य के ऊपर दूसरे कार्य का दबाव है। इससे तनाव, उलझन बढ़ती है, नींद पूरी नहीं हो पाती, एकाग्रता भंग होती है। लगातार तनाव में रहने के कारण दिल पर असर पड़ता है। इससे बचने का एक ही उपाय है कि संतुलित जीवन शैली जिएं, योग-व्यायाम करें, नींद पूरी लें और खान-पान में सावधानी बरतें।
डॉक्टर नेहा गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
मेडिकल कालेज आडीटोरियम में मैक्स हॉस्पिटल, दिल्ली के हृदय विभाग के वरिष्ठ निदेशक डॉ. विवेक कुमार ने एक ताजा शोध का हवाला देकर बताया कि जिन्हें वित्तीय नुकसान होता है, उनमें हृदय रोग का खतरा आठ गुना बढ़ जाता है। हार्ट अटैक का पता चलते ही खून के थक्के घुलने का इंजेक्शन देने से 80 प्रतिशत मरीजों की जान बचाई जा सकती है। डॉक्टरों को बताया गया कि बेकरी उत्पाद भी बीपी बढ़ा रहे हैं। मीठा समझकर खाए जा रहे केक, पेस्ट्री में भी सोडियम होता है। कोल्डड्रिंक में इसी श्रेणी में है। दिनभर में एक चम्मच (पांच ग्राम) से ज्यादा नमक नहीं खाना चाहिए। पांच ग्राम नमक में ढाई ग्राम सोडियम होता है। इससे ज्यादा सोडियम खाने से उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) बढ़ता है। फास्टफूड कल्चर से बच्चों में भी बीपी, शुगर, हृदय रोग होने लगा है।
डेमाे पिक
केजीएमयू के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. कौशर उस्मान ने बताया कि 20-25 प्रतिशत आबादी हाई ब्लड प्रेशर का मरीज है। इसकी वजह नमक का अत्यधिक सेवन है। अचार, चटनी, पापड़ न खाने, सलाद में नमक न डालने, संतुलित खानपान, नियंत्रित वजन, धूम्रपान, तंबाकू, शराब न पीने की सलाह दी गई। बीपी के मरीजों में ठंड, दर्द निवारक दवाएं खाने से नसें सिकुड़ती हैं और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। मेदांता हॉस्पिटल, गुरुग्राम की संक्रमण रोग विभाग की सलाहकार डॉ. नेहा गुप्ता ने बताया कि एंटीबायोटिक के बेजा इस्तेमाल से डायरिया, चर्म रोग हो रहा है। आईएमए अध्यक्ष डॉ. प्रवीण कटियार, सीजीपी की सहायक निदेशक डॉ. नीलम मिश्रा, डॉ.एसके मिश्रा, डॉ. उमेश्वर पांडेय, विकास मिश्रा, डॉ. कुणाल सहाय आदि मौजूद रहे।
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कार्डियोलॉजी के डॉक्टर
- फोटो : अमर उजाला
हार्ट फेल होने से बचाव की दवा का अविष्कार
मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के वरिष्ठ डायरेक्टर डॉ. रजनीश मल्होत्रा ने बताया कि जीवनशैली में बदलाव से देश में हर साल हार्ट फेल्योर के 10 लाख मरीज बढ़ रहे हैं और पांच लाख लोगों की मृत्यु हो रही है। हार्ट फेल्योर के कारण हार्ट की नसों का बंद होना, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, र्यूमेटिक हार्ट डिसीज, मोटापा है। सांस फूलना, कमजोरी, दैनिक कार्य न कर पाना, शरीर में सूजना इस बीमारी के लक्षण हैं। अब नई दवा एआरएनआई (बयामेडा) का अविष्कार हुआ है। यह दवा लाभकारी साबित हो रही है।
मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के वरिष्ठ डायरेक्टर डॉ. रजनीश मल्होत्रा ने बताया कि जीवनशैली में बदलाव से देश में हर साल हार्ट फेल्योर के 10 लाख मरीज बढ़ रहे हैं और पांच लाख लोगों की मृत्यु हो रही है। हार्ट फेल्योर के कारण हार्ट की नसों का बंद होना, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, र्यूमेटिक हार्ट डिसीज, मोटापा है। सांस फूलना, कमजोरी, दैनिक कार्य न कर पाना, शरीर में सूजना इस बीमारी के लक्षण हैं। अब नई दवा एआरएनआई (बयामेडा) का अविष्कार हुआ है। यह दवा लाभकारी साबित हो रही है।
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हृदय रोगों से बचना है तो जिंदगी से निकालें ‘एस’
-शुगर का कम प्रयोग करें
-साल्ट (नमक) 2 ग्राम से ज्यादा न लें
-सेनडेंटरी लाइफ न जिएं यानी रोज एक घंटे व्यायाम करें
-स्मोकिंग बंद करने से हार्ट अटैक का रिस्क 38 फीसदी कम हो जाता है
-स्लीप आठ घंटे से कम होने पर हार्टडिसीज का खतरा बढ़ जाता है
-स्ट्रेस (तनाव) भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाता है
-शुगर का कम प्रयोग करें
-साल्ट (नमक) 2 ग्राम से ज्यादा न लें
-सेनडेंटरी लाइफ न जिएं यानी रोज एक घंटे व्यायाम करें
-स्मोकिंग बंद करने से हार्ट अटैक का रिस्क 38 फीसदी कम हो जाता है
-स्लीप आठ घंटे से कम होने पर हार्टडिसीज का खतरा बढ़ जाता है
-स्ट्रेस (तनाव) भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाता है