भगवान शिव के 11वें अवतार प्रभु हनुमान हैं। मान्यता है कि आज भी जहां रामचरितमानस का पाठ होता हैं वहां प्रभु हनुमान किसी न किसी रूप में अवश्य मौजूद होते हैं। उदया तिथि होने के कारण 31 मार्च को ही यह पर्व मनाया जाएगा। शाम 6 बजे तक पूजन किया जाना शुभ है। 31 मार्च की रात्रि को हनुमान पूजन करने से विशेष फल की प्राप्ति होगी। माना जाता है कि पूर्णिमा की रात्रि में ही हनुमान जी का जन्म हुआ था।
हनुमान जयंती 2018: इन 10 बातों को याद रखेंगे तो बरसेगी 'बजरंगबली की कृपा'
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 01 Apr 2018 09:03 AM IST
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