जीएसटी का असर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर देखने को साफ मिल रहा है। लडडू गोपाल की प्रतिमाओं, वस्त्र व अन्य साज सज्जा की चीजे भी मंहगी हो गई हैं। दुकानदारों की माने तो इस साल पीतल व स्टोन की प्रतिमाओं में 18 प्रतिशत टैक्स लगाया गया है। प्रतिमाओं में क रीब 25 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी हुई है। मंहगाई की वजह से जन्माष्टमी के बाजार में संनाटा पसरा हुआ है। वही पंचमेवा में भी 30 से 40 प्रतिशत तक दाम बढ गए हैं।
जानिए श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर कैसे पड़ी ‘जीएसटी की मार’!
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जीएसटी लागू होने को करीब डढ़े माह बीत गया है, लेकिन अभी भी बाजार में असमंजस की स्थिति है। दुकानदार जीएसटी के मानक पूरे करने के लिए जद्दोजहत कर रहा है और आम आदमी पर मंहगाई का बोझ लगातार भारी पड़ता दिख रहा है। जीएसटी का असर इस बार जन्माष्टमी के बाजार में भी देखने को मिल रहा है। पूजा की कुछ सामग्री को छोड़ अन्य सभी चीजों पर जीएसटी की मार पड़ी है। पूजा से जुड़ी कई चीजों के दामों में 20 से 25 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है।
15 अगस्त को जन्माष्टमी है। इसको लेकर शहर के सभी चौराहों पर भगवान की प्रतिमाओं, श्रंगार व अन्य साज सज्जा की दुकाने सज गई हैं, लेकिन दुकानों पर भीड़ न होने की वजह से दुकानदारों के चेहरे पर मायूसी छाई हुई है। दुकानदार इसका सबसे बड़ा कारण जीएसटी को मान रहे हैं। शहीद भगत सिंह चौराहे पर हर साल भगवान की प्रतिमा व श्रंगार की दुकान लगाने वाले विक्रेता मुन्ना का कहना है कि वह हर साल स्टोन व पीतल की प्रतिमाओं को बाहर के बाजारों से लाकर जिले में बेचते थे।
हर साल अच्छी कमाई हो जाती थी, लेकिन इस वर्ष लगता है कि माल नहीं बिके गा। पिछले साल की अपेक्षा इस साल मूर्तियों के दामों में 25 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी हुई है वही सजावट की अन्य चीजें भी मंहगी हुई हैं। वही किराना व्यापारी प्रताप सिंह ने बताया कि पंचमेवा के भी रेटों में 30 से 40 फीसदी तक बढ़े हैं। पिछले साल की अपेक्षा बाजार में काफी संनाटा पसरा हुआ है। लोग सिर्फ जरूरत की चीजों को ही खरीद रहे हैं।
पंचमेवा - रुपये किलो में
गरी - 130 से 150 तक
चिराैंजी - 900 से 1200 तक
किशमिस - 150 से 2000 तक
मखाने - 400 से 500 तक
बादाम - 750 से 1000 तक
काजू - 1000 से 1200 तक
छुआरा - 200 से 250 तक