कानपुर एनकाउंटर के दौरान आठ पुलिसकर्मियों की शहादत के आरोपी कुख्यात विकास दुबे और उसके साथियों को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। ऐसे ही एक मामले में गुरुवार सुबह पुलिस ने विकास के दो साथियों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया। इनमें से एक कार्तिकेय ऊर्फ प्रभात मिश्रा को पुलिस फरीदाबाद से ट्रांजित रिमांड पर यूपी लेकर जा रही थी। उसी दौरान आत्मरक्षा के लिए पुलिस ने प्रभात पर गोली चलाई जिससे उसकी मौत हो गई। जानिए कौन है प्रभात मिश्रा और कानपुर एनकाउंटर में इसकी क्या भूमिका थी।
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prabhat mishra
- फोटो : अमर उजाला
कार्तिकेय ऊर्फ प्रभात मिश्रा पुत्र राजेंद्र, गांव बिखरू थाना चौबेपुर जिला कानपुर का रहने वाला था। यह पांच लाख के इनामी बदमाश विकास दुबे का काफी करीबी था, यही वजह है कि जब विकास दुबे एनकाउंटर के बाद कानपुर से भागा तो ये भी उसके साथ-साथ था। यहां तक कि प्रभात विकास के साथ फरीदाबाद भी आया, जहां से फरीदाबाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और फिर यूपी पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर उत्तर प्रदेश ले जा रही थी।
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prabhat mishra
- फोटो : अमर उजाला
विकास के करीबी प्रभात ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा था कि घटना वाली रात में वह विकास के घर पर था और उसने भी फायरिंग की थी। साथ ही उसने कहा, 'मुझे पुलिस वालों को मारने का अफसोस है।'
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अंकुर मिश्रा के घर के बाहर खड़ी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
फरीदाबाद पुलिस ने प्रभात के पास से 4 पिस्टल और 44 गोलियां बरामद की थीं। पूछताछ पर बदमाश प्रभात ने बताया कि उसने और कुख्यात बदमाश विकास दुबे ने, विकास की भाभी की मौसी शांति मिश्रा के घर नहरपार, हरी नगर इंदिरा कॉम्प्लेक्स में पनाह ली थी। विकास दुबे पुलिस पार्टी के आने से कुछ घंटे पहले वहां से फरार हो गया था। बदमाश प्रभात ने पूछताछ में बताया था कि वह विकास दुबे के साथ बिखरू गांव में हुए हत्याकांड में पुलिस पार्टी पर फायर करने में शामिल था।
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फरीदाबाद में मिठाई की दुकान के बाहर सीसीटीवी में कैद विकास दुबे
- फोटो : एएनआई
आरोपी प्रभात उर्फ कार्तिकेय ने बताया था कि विकास दुबे और उसने पुलिस पार्टी पर हमला करके घायल पुलिसवालों की दो पिस्टल और गोलियां छीनकर मौके से फरार हो गए थे। फरार होने के बाद 2 दिन तक दोस्त के घर शिवली यूपी में रहे थे।