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गुजरात से हजारों श्रमिकों को ले फर्रूखाबाद पहुंची ट्रेन, कहा बस वालों ने ठगा ट्रेन का टिकट मिला फ्री
Sat, 09 May 2020 08:12 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 09 May 2020 08:12 PM IST
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आंखों में दिखा घर पहुंचने का सुकून
- फोटो : amar ujala
गुजरात के वीरमगांम से स्पेशल ट्रेन 1201 श्रमिकों को लेकर फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन पर शनिवार सुबह 11 बजे पहुंची। इसमें जिले के 91 श्रमिक थे। अन्य दूसरे जनपदों के होने से उन्हें रोडवेज बसों से भेजा गया। प्रशासन ने भोजन व पानी दिया। ट्रेन से लौटे अधिकांश लोग फैक्ट्रियों में काम करते थे। अधिकांश की कहानी में राशन व पूंजी का संकट ही नजर आया। स्टेशन पर उन्हें टिकट फ्री मिला पर स्टेशन तक पहुंचाने वाले बस के परिचालकों ने कई लोगों से रुपये ठग लिए। हालांकि इसका दुख उनके चेहरे पर कम, घर पहुंचने की खुशी अधिक दिखाई दी।
गुजरात से 91 जिलों के श्रमिकों को लेकर आई ट्रेन
- फोटो : amar ujala
घर पहुंचने की खुशी सबसे बड़ी
आंबेडकर नगर के अकबरपुर के मंतराम निषाद वीरमगांम में बर्फ की फैक्टरी में काम करते थे। लॉकडाउन हुआ तो फैक्टरी में ताला पड़ गया। मकान मालिक किराया नहीं ले रहे थे पर राशन खत्म हो गया था। सरकारी आटे से कुछ दिन पेट भरा। जिस मोहल्ले में वह रहते थे। वह रेड जोन में था। विशेष ट्रेन की जानकारी पर आवेदन कर दिया। बस से स्टेशन तक छुड़वाया गया तो परिचालक ने टिकट के नाम पर 580 रुपये ऐंठ लिए। स्टेशन पर टिकट फ्री मिला। उनका कहना था कि घर पहुंचने की खुशी सबसे बड़ी है।
आंबेडकर नगर के अकबरपुर के मंतराम निषाद वीरमगांम में बर्फ की फैक्टरी में काम करते थे। लॉकडाउन हुआ तो फैक्टरी में ताला पड़ गया। मकान मालिक किराया नहीं ले रहे थे पर राशन खत्म हो गया था। सरकारी आटे से कुछ दिन पेट भरा। जिस मोहल्ले में वह रहते थे। वह रेड जोन में था। विशेष ट्रेन की जानकारी पर आवेदन कर दिया। बस से स्टेशन तक छुड़वाया गया तो परिचालक ने टिकट के नाम पर 580 रुपये ऐंठ लिए। स्टेशन पर टिकट फ्री मिला। उनका कहना था कि घर पहुंचने की खुशी सबसे बड़ी है।
माता पिता के साथ मासूम भी पहुंचा घर
- फोटो : amar ujala
थोड़ा कमाएंगें, रहेंगे अपने ही गांव में
कन्नौज के छिबरामऊ निवासी प्रेम, अमेठी के अजय और बाराबंकी के रामलाल एक ही फैक्टरी में काम करते थे। सरकार से मिला राशन एक सप्ताह में ही खत्म हो गया। गुजरात में कोरोना मरीज अधिक होने से परिजन वापस आने को कह रहे थे। सरकार ने उपकार किया जो उनके घर पहुंचने की व्यवस्था की। अब तो वह थोड़ा कमाएंगे, लेकिन घर पर ही रहेंगे। परिवार के बीच रहकर बच्चों की पढ़ाई लिखाई पर ध्यान देंगे।
कन्नौज के छिबरामऊ निवासी प्रेम, अमेठी के अजय और बाराबंकी के रामलाल एक ही फैक्टरी में काम करते थे। सरकार से मिला राशन एक सप्ताह में ही खत्म हो गया। गुजरात में कोरोना मरीज अधिक होने से परिजन वापस आने को कह रहे थे। सरकार ने उपकार किया जो उनके घर पहुंचने की व्यवस्था की। अब तो वह थोड़ा कमाएंगे, लेकिन घर पर ही रहेंगे। परिवार के बीच रहकर बच्चों की पढ़ाई लिखाई पर ध्यान देंगे।
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घर पहुंचने पर बेटे काे चूमती मां
- फोटो : amar ujala
अपनों के बीच में जन्म लेगी संतान
अमेठी के धनंजय अपनी गर्भवती पत्नी उमा व बेटे सूरज के साथ स्टेशन पर उतरे तो खुशी का ठिकाना नहीं था। कहा कि 15 दिन से गांव जाने के लिए उतावले थे। योगी सरकार ने उनके सपने को सच कर दिया। उमा ने बताया कि उसको रास्ते में परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बात का सुकून है कि वह अपने बच्चे को अपनों के बीच में जन्म देगी। पति धनंजय ने बताया कि उसके फैक्टरी मालिक ने काम न करने के बाद भी वेतन दिया।
अमेठी के धनंजय अपनी गर्भवती पत्नी उमा व बेटे सूरज के साथ स्टेशन पर उतरे तो खुशी का ठिकाना नहीं था। कहा कि 15 दिन से गांव जाने के लिए उतावले थे। योगी सरकार ने उनके सपने को सच कर दिया। उमा ने बताया कि उसको रास्ते में परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बात का सुकून है कि वह अपने बच्चे को अपनों के बीच में जन्म देगी। पति धनंजय ने बताया कि उसके फैक्टरी मालिक ने काम न करने के बाद भी वेतन दिया।
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बसों से भेजे गए घर
- फोटो : amar ujala
भूखे बच्चों को डांटने के बाद छलके आंसू
मां खुद भूखी रहकर बच्चों को खिलाती है। शनिवार को गुजरात से शाहजहांपुर के लिए आई ज्ञानवती ने स्टेशन पर पहुंचते ही बेटी आरती को खाना मांगने पर डांट दिया। ज्ञानवती के आंसू छलक आए। जिला जालौन जा रही पूनम स्टेशन आने पर अपने बच्चे को चूम रही थी। शाहजहांपुर की अंजना का बेटा गुड्डा प्यास से तड़प रहा था। मां उसे गोद में उठकार स्टेशन के बाहर आई। जैसे ही नल दिखाई दिया तो अपने कलेजे के टुकड़े को अपने हाथों अंजुली से पानी पिलाया।
मां खुद भूखी रहकर बच्चों को खिलाती है। शनिवार को गुजरात से शाहजहांपुर के लिए आई ज्ञानवती ने स्टेशन पर पहुंचते ही बेटी आरती को खाना मांगने पर डांट दिया। ज्ञानवती के आंसू छलक आए। जिला जालौन जा रही पूनम स्टेशन आने पर अपने बच्चे को चूम रही थी। शाहजहांपुर की अंजना का बेटा गुड्डा प्यास से तड़प रहा था। मां उसे गोद में उठकार स्टेशन के बाहर आई। जैसे ही नल दिखाई दिया तो अपने कलेजे के टुकड़े को अपने हाथों अंजुली से पानी पिलाया।