सख्त हुए CM याेगी अब केवल बूचड़खाने नहीं ये भी करेंगे बंद
अवैध बूचड़खाने
अवैध बूचड़खानों पर योगी सरकार ने सबसे पहले चोट की है। रविवार को योगी ने सीएम पद की शपथ ली और सोमवार से ही अवैध बूचड़खाने बंद करने की कार्रवाई होने लगी। कानपुर से लेकर वाराणसी, लखीमपुर खीरी, गाजियाबाद और मेरठ जैसे तमाम शहरों में अवैध बूचड़खानाें पर प्रशासन का डंडा चल गया।
महिलाओं से छेड़खानी
बीजेपी ने महिला सुरक्षा को अपना चुनावी मुद्दा बनाया था। हर मंच से योगी समेत बीजेपी नेता महिला सुरक्षा की बात करते नजर आए हैं। संकल्प पत्र में बीजेपी ने महिलाओं को छेड़खाने से बचाने के लिए एंटी रोमियो स्क्वायड बनाने का वादा किया था। इस वादे पर भी योगी ने काम चालू कर दिया है। मंगलवार को कई जगह कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं से छेड़खानी करने वाले मनचलों की धरपकड़ की गई।
दंगों पर रोक
यूपी में दंगे भी बीजेपी का चुनावी मुद्दा रहा। मुजफ्फरनगर दंगों को लेकर खुद योगी आदित्यनाथ ने तत्कालीन सपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। मंगलवार को सदन में अपने आखिरी भाषण में भी योगी ने दंगों पर बात रखी। योगी ने सदन को आश्वस्त किया कि बीजेपी के शासनकाल में यूपी दंगा मुक्त प्रदेश बनेगा। योगी ने कहा- पिछले पांच साल में यूपी में 400 से ज्यादा दंगे हुए लेकिन गोरखपुर में एक भी ऐसी घटना नहीं हुई। हम पूरे यूपी को गोरखपुर बनाएंगे।
फर्जी मुकदमे
यूपी में चुनाव प्रचार के दौरान कई ऐसे मौके आए जब पीएम मोदी ने थानों को सपा कार्यालय करार दिया। मोदी समेत बीजेपी के तमाम नेताओं ने पुलिस पर सपा नेताओं के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। साथ ही बेकसूरों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज करने के आरोप भी लगे।
गुंडागर्दी पर लगाम
यूपी में कानून-व्यवस्था को लेकर हमेशा सवाल उठते रहे हैं। खासकर सपा सरकार पर कानून-व्यवस्था न संभाल पाने का आरोप लगता है। बीजेपी ने निवर्तमान अखिलेश सरकार पर गुंडागर्दी और अपराध पर लगाम कसने में नाकाम होने का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। योगी चुनाव प्रचार के दौरान भी गुंडागर्दी को यूपी से खत्म करने का दावा करते रहे हैं। सीएम पद की शपथ लेने से पहले ही योगी ने डीजीपी के साथ मीटिंग की थी। इस मीटिंग योगी ने शपथ ग्रहण समारोह में किसी भी प्रकार की हुड़दंग को रोकने के सख्त आदेश दिए थे।