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ताज्जुब की बातः दहेज देने पर ससुर ने बहू के खिलाफ किया मुकदमा, अब 5 साल की हो सकती सजा
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 04 May 2018 06:14 PM IST
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कानपुर शहर में दहेज लेन-देन का एक अनोखा मामला सामने आया है। एक ससुर ने अपनी बहू और उसके परिजनों के खिलाफ दहेज देने पर मुकदमा दाखिल किया है। मुकदमे में कहा गया है कि बहू ने उन लोगों के खिलाफ घरेलू हिंसा का मुकदमा दर्ज कराया है। उसमें बहू ने आरोप लगाया था कि उसके घरवालों ने दहेज दिया था। बाद में और दहेज मांगा जाने लगा। दहेज देना और लेना दोनों ही अपराध हैं। लिहाजा, दहेज देने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। कोर्ट ने अर्जी मंजूर कर सुनवाई शुरू कर दी है। अब इस मामले पर 15 मई को सुनवाई होगी।
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एडवोकेट शैलेंद्र कुमार निवासी इंद्रानगर ने अपनी बहू एकता मिश्रा, उसके परिजन ओम प्रकाश मिश्रा, बाल किशन मिश्रा, प्रेमचंद्र मिश्रा, शशी मिश्रा, दीपक मिश्रा, नम्रता मिश्रा और विमलेश मिश्र निवासी पनकी के खिलाफ मुकदमा दाखिल किया है। एसीएमएम द्वितीय की अदालत में दाखिल मुकदमे में कहा गया है कि उनके बेटे मयंक की शादी सात दिसंबर 2012 को हुई थी। शादी के बाद से एकता लड़ाई-झगड़ा करने लगी।
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वह 15 दिसंबर 2013 को अपने मायके चली गई थी। उसने घरेलू हिंसा के मामले में मुकदमा दाखिल किया था। उसमें उसने यह बात स्वीकार की है कि उसके परिजनों की ओर से दहेज दिया गया था। प्रोबेशन अधिकारी को दिए गए बयान में भी दहेज देने की बात कही है। दहेज देना भी दंडनीय अपराध है। इस पर ही बहू एकता और उसके परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। शैलेंद्र कुमार के अधिवक्ता शरद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि कोर्ट ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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पांच साल तक की सजा
दहेज प्रतिबंध अधिनियम 1961 के अंतर्गत दहेज देने पर पांच साल तक की सजा और पंद्रह हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है।
दहेज प्रतिबंध अधिनियम 1961 के अंतर्गत दहेज देने पर पांच साल तक की सजा और पंद्रह हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है।