जानलेवा हुआ ब्रेन स्ट्रोक, 20 की मौत, बरतें ये सावधानियां
अस्पताल की इमरजेंसी के मेडिसिन विभाग में 306 मरीज भर्ती हुए। हार्ट अटैक के दो अन्य मरीजों की कार्डियोलॉजी ले जाते समय मौत हो गई। अन्य सरकारी और निजी अस्पतालों में भी ब्रेन स्ट्रोक से रोज मौतें हो रही हैं।
डॉक्टरों ने इस मौसम में ठंड से बचाव की सलाह दी है। हाड़ कंपाने वाली ठंड में हार्ट अटैक के अलावा लोगों खासकर वृद्धों को ब्रेन स्ट्रोक हो रहा है। उच्च रक्तचाप, डायबिटीज और दमा के मरीजों की तकलीफें भी बढ़ गई हैं। इस वजह से हैलट के मेडिसिन विभाग में 1 जनवरी से अब तक 306 मरीज भर्ती हुए। रोज 50 से ज्यादा मरीज भर्ती हो रहे हैं।
कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कालेज के मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रेम सिंह के अनुसार ब्रेन स्ट्रोक के रोज 8 - 10 मरीज आ रहे हैं। ज्यादातर मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें तीमारदार पहले किसी नर्सिंगहोम में ले जाते हैं और वहां से जवाब देने या हालत बिगड़ने पर हैलट लाया जा रहा है। इस वजह से मरीज यहां आते समय और गंभीर हो जाते हैं।
दरअसल, ठंड लगने से उच्च रक्तचाप के मरीजों की दिमाग की नस फट जाती है। इससे सिर में ब्लीडिंग होती है। जितना ज्यादा बीपी होगा, नसें उतनी ज्यादा फटती हैं और ब्लीडिंग भी उतनी ही ज्यादा होती है। यदि ब्लीडिंग 60 मिलीलीटर से ज्यादा होती है तो मरीज की जान बचने की संभावना नगण्य हो जाती है। ब्रेन स्ट्रोक के ज्यादातर मरीजों में बीपी, दमा, किडनी, लिवर आदि बीमारियों से भी जान जाने का खतरा बढ़ जाता है।
आगे पढ़ें सावधानियां...