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'म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के..’ हार को हराना चाहते हैं तो जानें सिंपी के हौसले, जीत कदम चूमेगी
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 07 Aug 2018 04:42 PM IST
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15 साल की सिंपी बैडमिंटन कोर्ट छोड़कर अखाड़े में उतर गईं
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फिल्म दंगल में आमिर खान के डॉयलाग ‘म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के...’ ने दिल्ली की 15 साल की सिंपी की राह ही बदल दी। बैडमिंटन की स्टेट लेवल की चैंपियन सिंपी पर कुश्ती का इस कदर जुनून सवार हुआ कि वह बैडमिंटन कोर्ट छोड़कर अखाड़े में उतर गईं। अभिभावकों ने इसके लिए उन्हें रोका लेकिन वह अपने प्रण पर अडिग हैं। अभी भी वह दिल्ली में कुश्ती के गुर सीख रहीं हैं। सिंपी रविवार को जागेश्वर मंदिर में आयोजित दंगल में भाग लेने के लिए शहर आई थीं।
15 साल की सिंपी बैडमिंटन कोर्ट छोड़कर अखाड़े में उतर गईं
- फोटो : अमर उजाला
सिंपी ने बताया कि वह स्कूल की ओर से बैडमिंटन खेला करती थीं। बैडमिंटन में उन्होंने स्टेट लेवल की चैंपियनशिप भी जीती है। जब उन्होंने फिल्म दंगल देखी तो जिंदगी ही बदल गई। उन्होंने प्रण किया कि अब वह कुश्ती सीखकर ही रहेंगी। दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में कुश्ती के कोच अनिल कुमार से उन्होंने कुश्ती के दांव-पेच सीखने शुरू कर दिए। अब उनका सपना ओलंपिक में भारत को सोने का तमगा दिलाना है।
15 साल की सिंपी बैडमिंटन कोर्ट छोड़कर अखाड़े में उतर गईं
- फोटो : अमर उजाला
सिंपी एमपी, नेपाल, यूपी समेत कई जगह करीब 100 से ज्यादा दंगलों में भाग ले चुकीं हैं। उनकी मां मुन्नी गृहिणी हैं और पिता दयाराम पेशे से इलेक्ट्रीशियन। सिंपी बताती हैं कि जब उन्होंने मम्मी-पापा को बताया कि अब वह बैडमिंटन नहीं कुश्ती खेलना चाहती हैं तो सब बहुत नाराज हुए।
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15 साल की सिंपी बैडमिंटन कोर्ट छोड़कर अखाड़े में उतर गईं
- फोटो : अमर उजाला
कई बार जब वो कुश्ती के दौरान चुटहिल होकर घर आतीं हैं तो उन्हें डांट खाने को मिलती है। चेतावनी मिलती है कि आज के बाद कुश्ती नहीं खेलनी। वह कहतीं हैं कि अब उन्हें कुश्ती के अलावा और कुछ नजर आता ही नहीं है। उन्होंने बताया कि एसएलडी इंटर कॉलेज, मेरठ की ओर से 2017 में उन्होंने स्टेट लेवल कुश्ती में पहला कांस्य पदक हासिल किया था।