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विकास दुबे की हनक से कई गांवों में बनते थे प्रधान, सपा हो या भाजपा जिसको चाहता उसी को मिलती थी गद्दी
Sun, 06 Sep 2020 02:24 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 06 Sep 2020 02:24 PM IST
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विकास दुबे कांड
- फोटो : ANI
मुठभेड़ में मारा गया बिकरू कांड का मुख्य आरोपी विकास दुबे अपने रसूख का इस्तेमाल अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए भी करता था। विकास की मौत के बाद लोग अब खुलकर सामने आ रहे हैं। शिकायत की है कि अपने रसूख के दम पर चहेते अनुराग अवस्थी उर्फ सिन्नी की पत्नी रानो को इसी साल निर्विरोध प्रधान बनवाया।
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विकास दुबे (काले कोट में)
- फोटो : amar ujala
इसके बाद उसके छोटे भाई अविनाश की पत्नी सीमा को अधिकारियों से साठगांठ कर मार्च-2020 में सरकारी राशन का कोटा दिला दिया। नियमानुसार किसी भी जनप्रतिनिधि या उसके परिवार वाले को कोटा नहीं दिया जा सकता। लोगों ने शिकायत में यह भी बताया है कि अनुराग ने जिला प्रशासन को एक फर्जी हलफनामा भी दिया है, जिसमें प्रधान और कोटेदार को एक-दूसरे का संबंधी न होने की बात लिखी है।
हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे में कोटा देने से पहले जांच करने गए शिवराजपुर खंड अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। आरोप है कि ग्रामीणों ने जब इसकी शिकायत जिला प्रशासन सहित अन्य अधिकारियों से की तो प्रधान और उसके साथियों ने जान से मारने की धमकी दी। मामला संज्ञान में आने के बाद डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने सीओ बिल्हौर संतोष सिंह को शुक्रवार को जांच के आधार पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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बिकरू गांव
- फोटो : amar ujala
पत्नी को तलाक देने का दिया झूठा हलफनामा
आरोप है कि प्रधानी चुनाव के दौरान अनुराग के पास कोटा था। तब कहा गया कि उसके पास कोटा है, इसलिए उसकी पत्नी चुनाव नहीं लड़ सकती है। इस पर उसने पत्नी को तलाक देने का झूठा हलफनामा भी लगाया। हालांकि ग्रामीणों की शिकायत के बाद अनुराग से कोटा छीन लिया गया।
आरोप है कि प्रधानी चुनाव के दौरान अनुराग के पास कोटा था। तब कहा गया कि उसके पास कोटा है, इसलिए उसकी पत्नी चुनाव नहीं लड़ सकती है। इस पर उसने पत्नी को तलाक देने का झूठा हलफनामा भी लगाया। हालांकि ग्रामीणों की शिकायत के बाद अनुराग से कोटा छीन लिया गया।
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पुलिस अधिकारी के साथ बैठा विकास दुबे (हाफ नीली जैकेट में)
- फोटो : amar ujala
इनको भी बनवाया था निर्विरोध प्रधान
बिकरू गांव से अपने भाई दीपू की पत्नी अंजली, शार्प शूटर विष्णुपाल उर्फ जिलेदार को भीटी, रामपुर से सगी बहन रानी तिवारी, बसेन से अपने भांजे शिव तिवारी, दिलीपनगर से अनुराग अवस्थी उर्फ सिन्नी, जादेपुर से पुल्लू उर्फ अनुराग, कंजटी से वेदप्रकाश समेत कई लोगों को अपनी दहशत का इस्तेमाल कर निर्विरोध ग्राम प्रधान बनाया। कइयों को कोटा भी दिलाया। डीआईजी का कहना है कि जिला प्रशासन की मदद से मामले की जांच कराई जाएगी।
बिकरू गांव से अपने भाई दीपू की पत्नी अंजली, शार्प शूटर विष्णुपाल उर्फ जिलेदार को भीटी, रामपुर से सगी बहन रानी तिवारी, बसेन से अपने भांजे शिव तिवारी, दिलीपनगर से अनुराग अवस्थी उर्फ सिन्नी, जादेपुर से पुल्लू उर्फ अनुराग, कंजटी से वेदप्रकाश समेत कई लोगों को अपनी दहशत का इस्तेमाल कर निर्विरोध ग्राम प्रधान बनाया। कइयों को कोटा भी दिलाया। डीआईजी का कहना है कि जिला प्रशासन की मदद से मामले की जांच कराई जाएगी।