यूपी के जौनपुर जिले के जफराबाद थानाक्षेत्र के नैपुरा में रविवार शाम एक पिता ने अपने दो मासूम बच्चों को कुएं में फेंक कर मार डाला। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं दो बच्चों की मौत के बाद मां अबतक बेसुध है। आरोपी पिता इरफान को अपने इस कृत्य पर जरा भी अफसोस नहीं है।
उसने कहा कि बच्चों को सामान दिलाने की जिद पर गुस्सा आया तो 7 वर्षीय पुत्री और पांच साल के बेट को कुएं में फेंक दिया। थानाध्यक्ष राजाराम द्विवेदी ने बताया कि आरोपी की पत्नी शाहीन बानो की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर इरफान के जेल भेज दिया गया। बच्चों का हत्यारा पिता बातचीत से मानसिक रूप से सामान्य प्रतीत हो रहा है। वह आम लोगों की तरह ही बातचीत कर रहा है। हर सवाल का जवाब दे रहा है। इधर, गांव समेत आसपास के क्षेत्रों में बसी इसी घटना की चर्चा लोगों के बीच है।
पत्नी साहिन बानो के मुताबिक रोज की तरह रविवार को भी इरफान दुकान पर काम करने के लिए गया था। जहां से खाना खाने के लिए दोपहर में करीब 12 बजे आया था। दोपहर में पत्नी साहिन नमाज पढ़ रही थीं। उनके दोनों बच्चे सायमा (7) और बेटा अरमान (5) खेल रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान इरफान ने सायमा और अरमान को अपने साथ लेकर गया। पत्नी ने सोचा कि वह बच्चों को खिलाने के लिए ले जा रहा है, लेकिन बच्चों को खिलाते-खिलाते घर से 50 मीटर दूर कुएं में ले जाकर फेंक दिया।
इसके बाद जफराबाद स्थित दुकानदार के यहां काम पर चला गया। इधर, साहिन सोच रही थी कि इरफान उसके बच्चों को लेकर खिलाने गया था। मगर, जब वह शाम को करीब चार बजे घर पहुंचा तो साहिन ने बच्चों के बारे में पूछा तो उसने कहा कि मैंने दोनों को कुएं में फेंक दिया है। इस पर चीखते हुए साहिन ने कारण पूछा तो बोला कि मैं कहा से खिलाऊंगा। बच्चों की मौत की जानकारी होने पर परिवार में कोहराम मच गया।
सायमा (7) कक्षा दो में और पुत्र अरमान (5) कक्षा एक में गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते थे। गांव वालों ने बताया कि दोनों बच्चे पढ़ने में बहुत रुचि रखते थे। काफी होनहार और पढ़ाई के प्रति उनका रुझान ज्यादा रहता था। दोनों बच्चों ने जिस कुएं में दम तोड़ा उसी के पास बैठकर वो अक्सर पढ़ते-लिखते और खेलते दिखाई देते थे।
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Jaunpur
- फोटो : अमर उजाला
पति के कारण गोद सूनी होने पर रोते हुए पत्नी शाहिना कह रही थी कि वह सोचती थी कि कभी बच्चों को किसी के सामने हाथ न फैलाना पड़े, इसलिए वह रात में जग कर बीड़ी बनाती थी। लेकिन, उसे (पति) को पता नहीं क्या हो गया कि दोनों बच्चों की जान का दुश्मन बन गया।