उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में दिवाली से एक दिन पहले दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ। बेकाबू ट्रक से कुचलने के कारण छह लोगों की मौत हो गई। घटना मुहम्मदाबाद क्षेत्र के अहिरौली गांव की है। धनतेरस के दिन इस दर्दनाक सड़क हादसे ने अहिरौली गांव को जीवनभर ना भूलने वाला दर्द दे गया। माताओं की गोद सूनी और सुहागिनों का सुहाग उजाड़ दिया। गांव में चीख-पुकार और परिजनों के दर्द से आसपास के गांवों में भी मातमी सन्नाटा छा गया।
अहिरौली गांव के सामने मंगलवार सुबह आठ बजे एक बेकाबू ट्रक सड़क के किनारे चाय की दुकान में बैठे छह लोगों को रौंदते हुए एक पेड़ से जा टकराया। दर्दनाक हादसे में सभी की मौत हो गई। ग्रामीणों ने ट्रक छोड़कर भाग रहे चालक को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी।
नाराज ग्रामीणों ने शवों को सड़क पर रख कर गाजीपुर-भरौली मार्ग पर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे डीएम और एसपी ने किसी तरह जाम खत्म कराया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा की है।
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चाय की दुकान में घुसा बेकाबू ट्रक
- फोटो : अमर उजाला
सड़क हादसे में एक ही गांव के पांच और जीयनदासपुर गांव के एक व्यक्ति की मौत की सूचना ने जिले के लोगों को सकते में डाल दिया। हादसे में अहिरौली गांव निवासी वीरेंद्र राम (45), चंद्रमोहन राय (45), सत्येंद्र ठाकुर (32), श्यामबिहारी कुशवाहा (32), गोलू यादव (15) और जियनदासपुर निवासी उमाशंकर यादव (60) की मौत हो गई।
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गाजीपुर: हादसे के बाद अहिरौली गांव में कोहराम
- फोटो : अमर उजाला
हादसे में मृत वीरेंद्र राम मजदूरी करके परिवार पालते थे। सड़क किनारे कच्चे मकान में वह अपनी पत्नी रामा देवी, पुत्र अखिलेश, दीपक और पुत्री खुशबू के साथ रहते थे। बिटिया की शादी की तैयारी भी की जा रही थी। उन्हें क्या पता था कि ट्रक मौत बनकर उन्हें अपनी आगोश में ले लेगा। परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि सारे सपने टूटकर बिखर गए।
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गाजीपुर: हादसे के बाद अहिरौली गांव में कोहराम
- फोटो : अमर उजाला
हीरा ठाकुर के चार पुत्रों में सबसे बड़ा सत्येंद्र ठाकुर सड़क किनारे गुमटी में सैलून चलाते थे। घटना के बाद पत्नी खुशबू बिलखते-बिलखते अचेत हो जा रही थी। वहीं मां को रोते देख मासूम माही और रिया भी रोने लग जा रही थीं। उनकी हालत देख वहां मौजूद ग्रामीणों की आंख भर जा रही थी।
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नाराज ग्रामीणों ने गाजीपुर-भरौली मार्ग किया जाम
- फोटो : ghazipur accident
जीयनदासपुर गांव के उमाशंकर यादव सुबह ही टांगी में धार दिलाने घर से तीन किमी दूर अहिरौली चट्टी पर गए थे। परिवार को हादसे की सूचना मिली व ग्रामीणों के साथ वहां पहुंचे तो उनका शव देखकर बिलखने लगे। ग्रामीणों में इसी की चर्चा थी कि मौत ही उन्हें गांव से तीन किलोमीटर दूर खींचकर ले गई थी।