पूर्वांचल की पुलिस के लिए सिरदर्द बने इनामी बदमाश रोशन गुप्ता उर्फ किट्टू को गुरुवार की रात वाराणसी पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे जाने से गाजीपुर के सराफा कारोबारियों ने राहत की सांस ली है। किट्टू का खौफ जनपद के सराफा व्यवसायियों में था।
गाजीपुर के व्यवसायियों में भी थी वाराणसी एनकाउंटर में ढेर किट्टू की दहशत, सराफा कारोबारी अजय को घर के सामने मारी थी गोली
वार्ड 14 स्थित उनके घर के सामने बाइक सवार दो बदमाशों ने गोली मारकर जेवर से भरा बैग लूट लिया था। गोली लगने से अजय बरनवाल की स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाते समय मौत हो गई थी। उनके छोटे भाई विजय बरनवाल उर्फ बंटी को इलाज के लिए वाराणसी ले जाया जा रहा था। उन्होंने भी रास्ते में ही दम तोड़ दिया था।
इस घटना से पूरा नगर सहम गया था और लोगों में गुस्सा भी भर गया था। तत्कालीन पुलिस कप्तान विजय गर्ग ने घटना में शामिल हमलावरों को तीन दिन के अंदर वाराणसी से गिरफ्तार कर लिया था। इस घटना में सात लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार जेल भेजा था।
गिरोह के सरगना कुख्यात शनि सिंह को वाराणसी एसटीएफ ने कबीरचौरा अस्पताल के पास 30 जुलाई 2015 को मार गिराया था। गिरोह के एक अन्य सदस्य नगर निवासी जितेंद्र जायसवाल की बीते एक जून की रात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस समय बाबा रेलवे क्रॉसिंग के पास स्थित अपनी मिठाई की दुकान बंदकर घर जा रहा था।
पहियापर गांव के पास बाइक सवार हमलावरों ने गोली मारकर जितेंद्र की हत्या कर दी। किट्टू इन दिनों जमानत पर बाहर था लेकिन अपराध में उसकी संलिप्तता कम नहीं हो रही थी। कुछ दिन पहले उसने वाराणसी के एक सराफा व्यापारी से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी।
रंगदारी मांगने का वीडियो वायरल होने के बाद वाराणसी एसटीएफ, क्राइम ब्रांच व गाजीपुर क्राइम ब्रांच की टीम कुख्यात किट्टू की गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत थी। चौक थाना के बड़ी पियरी निवासी किट्टू को पुलिस ने जैतपुरा थाना क्षेत्र के डाट पुल सरैया के पास देखा। पुलिस को देख किट्टू ने फायरिंग करनी शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में वह घायल हो गया। उसे इलाज के लिए कबीरचौरा अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई।