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चित्रकूट जेल गैंगवार: मेराज, मुकीम की हत्या कर दो बंदियों के साथ भागने वाला था अंशू, एके-47 की गोली से हुई मौत
Sat, 22 May 2021 01:34 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 22 May 2021 01:34 AM IST
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चित्रकूट जेल गैंगवार मामला
- फोटो : अमर उजाला
चित्रकूट रगौली जेल में ईद के दिन (14 मई) हुई गैंगवार में हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि पुलिस मुठभेड़ में मारा गया कुख्यात अपराधी अंशू दीक्षित बंदियों की आड़ लेकर जेल से भागना चाहता था। कुख्यात अपराधियों मेराज अली और मुकीम काला को मौत के घाट उतारने के बाद अंशू पांच बंदियों को पिस्टल के बल पर काबू कर अपनी बैरक में चला गया था। इस दौरान उसने तीन बंदियों को हाईसिक्योरिटी बैरक में बंद कर दिया। दो बंदियों को अपने साथ लेकर मुख्य गेट के पास आकर खुद को बाहर निकालने पर जोर देता रहा। मांग न मानने पर उसने दोनों बंदियों की हत्या की धमकी दी थी। बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी का कभी शार्प शूटर रह चुका अंशू पुलिस मुठभेड़ में ढेर होने के पूर्व बार बार चिल्लाकर किसी वाहन से उसे भगाने के लिए जोर दे रहा था। पुलिस टीम लगातार आत्मसमर्पण के लिए कहकर उसकी घेराबंदी कर रही थी। कुछ देर बाद अंशू दोनों बंदियों को अपनी बैरक में लेकर चला गया था।
चित्रकूट गोलीकांड
- फोटो : amar ujala
इस बीच पुलिस को घेराबंदी करने का ज्यादा समय मिला, लेकिन असमंजस भी हो गया। बैरक के अंदर जाना बड़ा खतरा था। इसी बीच पुलिस ने अपनी योजना बदली और दूसरी बैरक से चार जवान सीढ़ी लगाकर छत पर पहुंचेे। पुलिसकर्मियों व जेल स्टाफ ने अंशू को आश्वासन दिया कि उसकी जो मांग है उसे पूरा कराने का प्रयास होगा, लेकिन पहले वह बाहर आए।
चित्रकूट जेल।
- फोटो : amar ujala
डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी व पुलिस की जांच रिपोर्ट के अनुसार इसी बीच कुछ वाहनों की आवाज सुनाई पड़ी तो अंशू पिस्टल लेकर गाली देता हुआ बंदियों के सहारे गेट पर खड़ा होकर बाहर जाने की जिद करने लगा। यह भी कहा कि उसे पकड़ा तो बंदियों को मार देगा। बैरक की छत पर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी पर अंशू ने गेट के कुछ अंदर पोजीशन ली और पुलिस पर फायर कर दिया।
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चित्रकूट जेल।
- फोटो : amar ujala
पुलिस काफी देर तक लाउडस्पीकर से अंशू को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दे रही थी और अंदर से अंशू गालियों की बौछार कर रहा था। पुलिस की ओर से गोलियां चलने पर वह दोनों बंदियों को मार देगा कहते हुए अपनी बैरक की ओर दौड़ पड़ा।
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अंशू दीक्षित की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
जैसे ही वह बैरक की ओर मुड़ा मौका पाकर पुलिसकर्मियों ने इंसास राइफल से गोली से उसको ढेर कर दिया था। इंसास राइफल की गोलियां उसके सिर के पीछे के हिस्से और एके-47 की भी गोलियां उसके शरीर पर लगी थीं। पुलिस रिकार्ड में भी इस बात का उल्लेख है कि अंशू दीक्षित को जब पुलिस की गोली लगी तो वह बैरक के आठ कदम अंदर की ओर गिरा था।