बदायूं के फैजगंज बेहटा में शुक्रवार सुबह हुई घटना ने इलाके के लोगों को झकझोर कर रख दिया। मेंथा टैंक की जहरीली गैस से दो सगे भाइयों की मौत हो गई। तीसरे भाई की हालत नाजुक है। अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर उसका उपचार चल रहा है। घटना से परिवार सहित पूरे क्षेत्र में गमगीन माहौल है। बड़े भाई को बचाने के लिए दोनों छोटे भाइयों ने भी अपना जीवन को जोखिम डाल दिया था।
सुरैनी पापड़ी गांव निवासी मेंथा कारोबारी बट्टू सिंह के तीनों बेट एक-दूसरे का सहारा थे। उसी परिवार पर कुछ ही मिनटों में ऐसा दुख टूट पड़ा, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। मेंथा प्लांट के टैंक में सबसे पहले बड़ा भाई जयवीर यादव (35 वर्ष) उतरा था। जयवीर टैंक में उतरते ही बेहोश हो गया। बड़े भाई जयवीर को बेहोशी हालत में देखने पर छोटा भाई राजेश (22 वर्ष) भी आनन-फानन टैंक में उतर गया, लेकिन टैंक में उतरने के बाद कुछ ही समय में वह भी बेहोश हो गया।
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जयवीर और राजेश का फाइल फोटो।
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दोनों भाइयों को बेहोशी हालत में देख कर तीसरा भाई मनवीर भी टैंक में उतरा। वह भी टैंक में भरी जहरीली गैस ने उसे भी अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही पलों में तीनों भाई जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ने लगे। मुंह पर कपड़ा बांधकर टैंक में उतरे ग्रामीणों ने तीनों को बाहर निकाला। आनन-फानन अस्पताल ले जाया गया, जहां जयवीर और राजेश को मृत घोषित कर दिया गया। मनवीर की हालत नाजुक बनी हुई है।
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टैंक में पड़ी चप्पलें
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जहरीली गैस को माना जा रहा हादसे की वजह
उधर, घटना की सूचना मिलते ही फैजगंज बेहटा थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित कराया। एहतियातन टैंक के आसपास लोगों की आवाजाही रोक दी गई। फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने टैंक और आसपास के क्षेत्र से नमूने एकत्र किए। प्रारंभिक जांच में टैंक के भीतर बनी जहरीली गैस को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।
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परिवार में मचा कोहराम।
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दो बेटों की मौत से मां का हाल बेहाल
मेंथा कारोबारी बट्टू सिंह के परिवार में चार बेटे और एक बेटी है। बेटी की शादी हो चुकी है। इसमें जयवीर, मनवीर, संजय और राजेश बेटे हैं। चारों बेटे और पिता अपनी खेती बाड़ी करते थे। बेटे जरूरत पड़ने पर बाहर जाकर घर की आर्थिक जिम्मेदारियों में भी पिता का हाथ बंटाते थे। बट्टू सिंह ने कुछ समय पहले ही मेंथा का प्लांट लगाकर खुद का कारोबार शुरू किया था। उसी प्लांट में शुक्रवार को हुए हादसे में दो बेटों की मौत हो गई। एक भाई संजय खुद के साथ परिवार को भी संभालने में लगा हुआ है। दो जवान बेटों की मौत पर मां धारावती का रो-रोकर बुरा हाल है।
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हादसे के बाद घटनास्थल पर जुटे लोग।
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एंबुलेंस आने से पहले 15 मिनट तक दिया सीपीआर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एंबुलेंस पहुंचने में कुछ समय लग गया। इस बीच ग्रामीणों ने इंटरनेट और पूर्व अनुभव के आधार पर बेहोश तीनों भाइयों को सीपीआर देना शुरू किया। लगभग 15 मिनट तक लगातार उनकी छाती दबाकर और कृत्रिम सांस देकर जान बचाने का प्रयास किया गया। मौके पर मौजूद लोग किसी चमत्कार की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन तीनों की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। बाद में एंबुलेंस की मदद से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।