फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

महाशिवरात्रि पर बन रहा खास संयोग, ऐसे करें पूजा-अर्चना, होगी हर मनोकामना पूरी

Wed, 10 Mar 2021 12:55 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर Published by: कपिल kapil Updated Wed, 10 Mar 2021 12:55 AM IST
विज्ञापन
Mahashivratri 2021: This time is becoming a special coincidence on mahashivratri
महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर चढ़ता दूध - फोटो : amar ujala

बिजनौर में धार्मिक संस्थान विष्णुलोक के ज्योतिषविद पंडित ललित शर्मा के अनुसार महाशिवरात्रि पर त्रयोदशी तिथि दस मार्च को दोपहर दो बजकर 41 मिनट पर शुरू हो रही है। इस समय के बाद से महादेव का जलाभिषेक किया जा सकता है। महादेव के जलाभिषेक का श्रेष्ठ समय 11 मार्च को दोपहर दो बजकर 40 मिनट पर है।

Trending Videos
Mahashivratri 2021: This time is becoming a special coincidence on mahashivratri
महाशिवरात्रि - फोटो : एएनआई

पंडित ललित शर्मा के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन ही देवों के देव महादेव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इस साल 11 मार्च को त्रयोदशी और चतुर्दशी का मिलन हो रहा है। इसलिए महाशिवरात्रि 11 मार्च को मनाना श्रेष्ठ रहेगा। दस मार्च को दोपहर दो बजकर 41 मिनट पर त्रयोदशी तिथि प्रारंभ होगी। 

Mahashivratri 2021: This time is becoming a special coincidence on mahashivratri
महाशिवरात्रि

त्रयोदशी और चतुर्दशी का मिलन 11 मार्च को दोपर दो बजकर 40 मिनट पर होगा। इस बार महाशिवरात्रि शुभ संयोग में मनाई जाएगी। महाशिवरात्रि पर शिव योग के साथ घनिष्ठा नक्षत्र होगा और चंद्रमा मकर राशि में विराजमान रहेंगे। इसलिए महाशिवरात्रि पर्व की पूजा विधि विधान से पूजन करना कल्याणकारी माना जा रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Mahashivratri 2021: This time is becoming a special coincidence on mahashivratri
महाशिवरात्रि

महाशिवरात्रि को वर्ष भर में पड़ने वाली सिद्ध रात्रियों में से एक माना गया है। इस दिन ब्रह्मांण में दिव्य ऊर्जाएं चरम पर होती हैं। इसलिए शिवरात्रि पर की गई पूजा अर्चना, जप, दान आदि का फल कई गुना प्राप्त होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार 27 योग में से एक योग प्रतिदिन उपस्थित रहता है। इन 27 योग में से एक योग शिव योग भी है जिसे परम कल्याणकारी और भोलेनाथ की पूजा के लिए श्रेष्ठ माना गया है। कहा कि महादेव शरीर पर चिता की भस्म लगाते हैं, रुद्राक्ष की माला धारण करते हैं और नंदी की सवारी करते हैं। भूत, प्रेत, निशाचर उनका अनुसरण करते हैं। 

विज्ञापन
Mahashivratri 2021: This time is becoming a special coincidence on mahashivratri
महाशिवरात्रि - फोटो : amar ujala

विभत्स रूप धारण करने के बाद भी उन्हें मंगलकारी कहा जाता है और वे पल भर की सच्ची उपासना से भी प्रसन्न हो जाते हैं। महाशिवरात्रि पर बेल पत्र का तीन दलों से युक्त एक बिल्ब पत्र जो भगवान शिव को अर्पित करता है उसके तीन जन्मों के पाप धुल जाते हैं। शिवरात्रि के दिन शिव स्तुति, शिव सहस्रनाम, शिव चालीसा, रुद्राष्टकम, शिव पुराण, शिव पंचाक्षर आदि का पाठ करना चाहिए।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed