बरेली में ठेकेदार आलोक तोमर ने पत्नी रितु की हत्या क्यों की, और फिर खुद जान क्यों दी, इसका खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस जांच में जुटी है। शनिवार को दंपती के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। इसमें दोनों को सिर में एक-एक गोली लगने की पुष्टि हुई। गोलियां खोपड़ी के आर-पार हो गई थीं। इन्हीं गोलियों की वजह से अधिक खून बहने के कारण दोनों की मौत हो गई थी।
रविवार सुबह मॉडल टाउन श्मशान भूमि पर दंपती का अंतिम संस्कार कर दिया गया। आलोक के भतीजे तन्मय ने दोनों को मुखाग्नि दी। परिवार और रिश्तेदारों के अलावा बड़ी संख्या में कॉलोनी के लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
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दंपती का फाइल फोटो
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तन्मय के पिता का भी कोरोना काल में निधन हो गया था। परिवार में अब वही वारिस बचे हैं। आलोक तोमर की मां भी तन्मय के परिवार के साथ रह रही हैं। अंतिम संस्कार में पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर व आलोक के साढ़ू कासगंज के सीओ सिटी विजय राणा भी मौजूद रहे।
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मौके पर जांच करती पुलिस
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आपको बता दें कि शनिवार को ग्रीन पार्क में ठेकेदार आलोक तोमर ने पत्नी रितु की गोली मारकर हत्या के बाद खुद को गोली मार ली थी। बागपत के बड़ौत क्षेत्र के गांव कासिमपुर खेड़ी निवासी आलोक कई वर्षों से ग्रीन पार्क कॉलोनी में रह रहे थे। बहेड़ी में उनका फार्म हाउस है, इसके अलावा वह निर्माण संबंधी ठेकेदारी भी करते थे।
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गमगीन परिजन
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आलोक कासगंज के सीओ सिटी विजय राणा के साढू हैं। दोपहर एक बजे नौकरानी ममता के बजाय उसकी दो बेटियां काम करने आईं। काफी देर दरवाजा खटखटाने व घंटी बजाने पर भी अंदर से आवाज नहीं आई। यह बात बताने पर ममता ने रितु की बड़ी बहन मधु राणा को कॉल करके जानकारी दी। मधु भी इसी कॉलोनी में रहती हैं। वह रितु के घर पहुंचीं और खिड़की की जाली हटाकर किसी तरह अंदर से लगी चिटकनी खोली।
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गमगीन परिजन
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अंदर एक कमरे में बेड पर रितु और आलोक के शव खून से सने पड़े देख मधु अवाक रह गईं। उन्होंने अपने पति विजय राणा को सूचना दी और फिर उनके बताने पर बारादरी थाना प्रभारी अमित पांडेय व रुहेलखंड चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने मौके पर आकर साक्ष्य जुटाए। घटना के पीछे शादी के 20 वर्ष बाद भी संतान न होने से दंपती के परेशान होने की बात सामने आई है।