हरिद्वार से कांवड़ लेकर चले बागपत निवासी बाबू खान का जगह-जगह स्वागत किया जा रहा है। हालांकि कुछ लोग उसे देखकर हैरान भी रहे हैं। सिर पर मुस्लिम टोपी और कंधे पर कांवड़ देखकर लोगों को हैरानी हो रही है और उनके मन में सवाल भी उठ रहा है। लेकिन शिव की भक्ति में लीन बाबू खान ने कुछ लोगों से बात करते हुए बताया कि उनकी कांवड़ लाने में आस्था है और कई सालों से कावड़ ला ररहा है।
वहीं सोमवार को दाहा गांव में शिव शक्ति कांवड़ भंडारा पर पहुंचे बाबू खान का क्षेत्र वासियों ने फूल मालाओं से स्वागत किया।
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बाबू खान का स्वागत करते लोग।
- फोटो : amar ujala
रंछाड़ निवासी बाबू खान ने बताया कि हरिद्वार से भगवान श्रीगणेश के नाम से कांवड़ लेकर आया है। कांवड़ को लेकर पहले पुरा महादेव मंदिर में जाएगा। जल चढ़ाने के बाद अपने गांव के मंदिर में जल चढ़ाएगा। वह अपने धर्म को मानता है, समय पर नमाज पढ़ता है और हिंदू धर्म को भी मानता है। वहीं मौके पर राजेंद्र चौधरी, विकास राणा, आनंद छिल्लर, पप्पन राणा आदि मौजूद रहे।
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बाबू खान।
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उसने बताया कि सबसे पहली बाबू 2018 भोले के नाम कांवड़ पर लेकर आया था। दूसरी कांवड़ पार्वती के नाम पर और अब तीसरी कांवड़ है, जो श्रीगणेश के नाम पर लेकर आया है।
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बाबू खान।
- फोटो : amar ujala
बताया कि समाज के लोगों ने मुझे काफी डरा धमका मेरे साथ कई बार मारपीट भी हुई। मैं अपने कार्य पर लगा हूं भोला बाबा रक्षा कर रहा है।
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बाबू खान।
- फोटो : amar ujala
बाबू खान बताते हैं कि वह आजादपुर मंडी दिल्ली में ट्रक चलाते थे। 2018 में कांवड़ यात्रा चल रही थी जब वह कैराना पुलिस चौकी के नजदीक पहुंचा तो वहां पर जाम लगा हुआ था। हजारों कांवड़िए आगे चल रहे थे। वहीं पर मेरे मन में ख्याल आया कि अगर मैं भी कांवड़िया होता तो इसी तरह कांवड़ लेकर आ रहा होता।