यूपी सरकार के विभिन्न विभागों में ग्रुप सी पदों के लिए 15-16 अक्टूबर को यूपी पेट (UP PET 2022) परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा देने के लिए परीक्षार्थियों को जंग लड़नी पड़ी। प्रशासन द्वारा विशेष ट्रेनें चलाने के बावजूद परीक्षार्थियों को ट्रेनों में लटककर यात्रा करनी पड़ी। लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ, अलीगढ़, आगरा आदि शहरों में परीक्षार्थियों को बसों की छतों पर बैठकर, पीछे लटककर यात्रा करते भी देखा गया।
UP PET 2022: परीक्षा से पहले और फिर उसके बाद भी बस व ट्रेन में छात्रों ने खूब खाए धक्के, देखें डरावनी तस्वीरें
प्रथम पाली की परीक्षा तड़के ही होने के कारण दूसरे जिलों से आए परीक्षार्थी केंद्र वाले शहर में एक दिन पहले ही पहुंच गए थे, जिसके कारण उन्हें रात में रुकने के लिए होटल, गेस्ट हाउस व धर्मशालाओं को तलाशते दिखे। हालांकि ये गेस्ट हाउस और धर्मशाला नाकाफी साबित हुए और परीक्षार्थियों को रेलवे स्टेशनों और बस स्टेशनों पर ही रात गुजारनी पड़ी। कुछ छात्र बिछाने के लिए चादर लाए थे, उन्होंने वह बिछा ली तो कुछ छात्रों ने अखबार बिछाकर उसी पर लेटकर रात काटी।
सोशल मीडिया पर कई लोगों ने ट्रेन के वीडियो पोस्ट किए, जिनमें परीक्षार्थी गाड़ी पर लटककर परीक्षा केंद्र से अपने घर को लौट रहे थे। सुनहरे भविष्य की उम्मीद में अपनी जान को दाव पर लगाते परीक्षार्थियों के वीडियो देखकर हर कोई डर गया। पीईटी परीक्षा के बाद रेलवे स्टेशनों पर भारी भीड़ उमड़ी जिससे व्यवस्था तार-तार हो गई। ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। लखनऊ इंटरसिटी से लेकर प्रयागराज जौनपुर पैसेंजर तक ट्रेनों में सिर्फ परीक्षार्थी ही भरे थे। परीक्षा खत्म होने के बाद सड़कों पर छात्रों का भारी हुजूम दिखा।
लखनऊ आगरा इंटरसिटी एक्सप्रेस में नहीं चढ़ पाने से नाराज पीईटी अभ्यर्थियों ने झींझक रेलवे स्टेशन पर हंगामा किया। इस पर जीआरपी कर्मियों ने सभी को समझाकर शांत कराया और बाद में आई महानंदा व ऊंचाहार एक्सप्रेस से आगे भेजा।
चौकी प्रभारी जीआरपी झींझक मनीष कुमार ने बताया कि भीड़ अधिक होने के कारण बहुत से अभ्यर्थी लखनऊ आगरा इंटरसिटी में नहीं बैठ पाए थे। उन्हें पीछे आ रही महानंदा एक्सप्रेस व ऊंचाहार एक्सप्रेस से भेजा गया।
मेरठ में पीईटी की परीक्षा छूटते ही शहर जाम हो गया। इस दौरान बस अड्डों पर परीक्षार्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी। बताया गया कि सबसे अधिक भीड़ सोहराब गेट डिपो पर रही। वहीं व्यवस्था संभालने में पुलिस कर्मियों के पसीने छूट गए।