परेड ग्राउंड में आयोजित सामाजिक अधिकारिता शिविर कार्यक्रम सियासत से दूर रहा। यहां हजारों की संख्या में आए दिव्यांग और वृद्धजनों को पीएम मोदी, सीएम योगी आदि ने संबोधित किया। लेकिन, कहीं भी किसी ने सीएए-एनआरसी व वर्तमान सियासत का जिक्र तक नहीं किया। जबकि, सियासी गलियारे में चर्चा थी कि दिल्ली में हुए दंगे के बाद पीएम इस मामले में विपक्ष पर हमला बोलने के साथ देश को प्रयागराज की धरती से कुछ न कुछ संदेश जरूर देंगे।
शनिवार को पीएम ने अपने भाषण की शुरुआत में ही पिछले कुंभ के दौरान 24 फरवरी को पांच सफाईकर्मियों के पांव पखारने की बात का जिक्र कर दिया। कहा, तब मुझे उन सफाईकर्मियों को नमन करने का अवसर मिला। अब एक वर्ष बाद प्रयागराज की पावन धरती पर प्रधान सेवक के रूप में हजारों दिव्यांगजनों, बुजुर्ग की सेवा करने का अवसर मिला है। हालांकि, बातों ही बातों में पीएम ने पूर्व की सरकार को अपने भाषण में थोड़ा बहुत जरूर घेरने का प्रयास किया।
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कहा कि पहले की सरकारों के समय इस तरह के कैंप बहुत ही कम लगा करते थे। मेगा कैंप तो गिनती भर के ही होते थे। लेकिन, बीते पांच वर्ष में हमारी सरकार ने देश के अलग-अलग स्थानों पर तकरीबन नौ हजार कैंप लगवाए। इस दौरान 900 करोड़ रुपये से ज्यादा के उपकरण बांटे गए। पीएम ने अपने भाषण में ‘सुगम्य भारत अभियान’ का भी जिक्र किया।
पीएम का पूरा जोर सरकार द्वारा दिव्यांगजन के लिए लाई गई तमाम योजनाओं को बताने पर रहा। इसके पहले सीएम योगी ने भी अपने भाषण में कुंभ का सफल आयोजन, अक्षयवट खोले जाने एवं स्वच्छ गंगा जल का जिक्र किया। उन्होंने भी इस कार्यक्रम में मोदी सरकार की योजनाओं का बखान किया।