माघ मेले के अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि पर लाखों श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। भोर से ही श्रद्धालु संगम तट पर पहुंचने लगे। मेले में सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक बंदोबस्त किया गया। संगम तट के 12 घाटों पर श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाशिवरात्रि स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं का स्वागत करने हुए शुभकामनाएं दी।
माघ मेला : महाशिवरात्रि स्नान के साथ माघ मेला संपन्न, सीएम योगी ने श्रद्धालुओं और साधु-संतों का किया अभिनंदन
महाशिवरात्रि स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र संगम में डुबकी लगाई। इसी के साथ माघ मेले का आधिकारिक समापन भी हो गया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने संगम पहुंचे श्रद्धालु और साधु संतों का अभिनंदन किया।
महाशिवरात्रि पर्व पर शुक्रवार को संगम से शहर तक हरहर बमबम की गूंज मचती रही। द्वादश माधव की नगरी में देवाधिदेव महादेव के द्वार पर भक्तों का तांता लग गया। माघ मेले के आखिरी स्नान पर्व पर संगम में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए भोर में ही रेला उमड़ पड़ा। हर हर महादेव के जयघोष के बीच डुबकी लगती रही। संगम की धारा के बीच श्रद्धालुओं में शिवलिंग उकेरने की होड़ मची रही। तटों आरती, दीपदान किया जाता रहा।घाटों पर हल्दी-चंदन के टीके लगाकर महिलाएं गंगा पूजन करती रहीं और समूहों में जगह-जगह मंगलगीत गाए जाते रहे। रेती पर दीपदान, ध्यान और अनुष्ठान की भी होड़ मची रही। बाजे गाजे संग श्रद्धालु झूमते थिरकते हुए भी संगम पहुंच रहे थे। रेती पर शिव भगवान के विग्रह बनाकर लोग पूजते रहे। संत हों या भक्त, सबकी एक ही चाह थी कि वह गंगा,यमुना और विलुप्त सरस्वती की पावन धारा के संगम में डुबकी लगा सकें।
सिविल लाइंस से परिवार के साथ संगम स्नान के लिए पहुंची सुनयना अग्रवाल ने हल्दी-चंदन के टीके लगाकर मां गंगा की आराधना की। उन्होंने शिवलिंग बनाने के बाद वहीं फूलमाला चढ़ाकर जलाभिषेक भी किया। भगवान शिव से परिजनों की सलामती के साथ ही विश्व शांति के लिए प्रार्थना की। इसी तरह चंद्रकला त्रिपाठी, प्रभा साहू और सीता सचदेव ने भी मां गंगा से परिवार की समृद्धि के लिए अर्जी लगाई।
घाटों पर महाशिवरात्रि की डुबकी लगाने के साथ रेती पर स्नान के साथ दीपदान और गंगा पूजन कर विश्व शांति की कामना इसी तरह लोग करते रहे। गंगा-यमुना के गीत जगह-जगह गाए जा रहे थे। संगम घाट के अलावा रामघाट, काली घाट, दशाश्वमेध घाट पर भी भोले भक्तों का रेला आखिरी डुबकी के लिए उमड़ता रहा। लोग माथे पर तिलक-त्रिपुंड लगाए लुटिया में गंगा जल भर कर मंजिल की ओर बढ़ते रहे।
रेती पर जगह-जगह जप, तप और ध्यान में भी लोग लीन रहे। महाशिवरात्रि स्नान के लिए भोर से ही संगम पर भक्ति का सागर उफनाने लगा। किला घाट से लेकर संगम तक हर तरफ सिर्फ भक्तों की भीड़ ही नजर आ रही थी। संगम की लहरों पर दिन भर आस्थावानों की भीड़ इतराती रही और हर तरफ हर हर महादेव का उद्घोष होता रहा।
आखिरी स्नान पर्व पर हर तरफ से श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सोमवार की शाम को ही वाहनों का प्रवेश संगम क्षेत्र में रोक दिया गया था। संगम की रेती पर शिव स्वरूपों में लोग विग्रह बनाकर पूजते रहे। रेत से बने शिवलिंगों पर संगम तट पर फूलमाला चढ़ाने और आरती उतारने के लिए जगह-जगह भीड़ लगी रही।
9.70 लाख से अधिक स्नानार्थियों के माघ मेला के आखिरी स्नान पर्व महाशिवरात्रि पर संगम में डुबकी लगाने का मेला प्रशासन ने किया दावा
05 स्नान घाटों पर लगी पुण्य की डुबकी
03 स्थानों से संगम क्षेत्र में निकाली गई महाशिवरात्रि पर शोभायात्राएं