शाहगंज इलाके के मुसाफिर खाने में ठहरे तब्लीगी जमात के नौ लोगों में से एक कोरोना पाजिटिव मिलने के बाद घनी आबादी वाली बस्तियों में लॉकडाउन बेअसर हो गया है। एक तरफ जहां मुसाफिरखाने से लगे इलाकों में सतर्कता बढ़ाई जा रही है, वहीं पुराने शहर में लोग बेपरवाह घूम रहे हैं। खासतौर से गलियों में जहां जगह-जगह बैठकबाजी देखी जा रही है, वहीं लोगों की भीड़ भी लग रही है। दोपहर बाद अचानक रानीमंडी इलाके के निरीक्षण के लिए पहुंचे मुख्य चिकित्साधिकारी जीएस बाजपेयी ने लॉडाउन का पालन न होने पर नाराजगी भी जताई।
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On Tuesday, a line of people started withdrawing money from Jan Dhan account in front of bank of Meerapur area.
- फोटो : prayagraj
शहर में कोरोना वायरस की रोगी मिलने के बाद भी लोग नहीं चेत रहे हैं। सड़कों पर सख्ती के चलते जहां इक्का-दुक्का लोग जरूरी कामों के लिए या फिर आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारी, अधिकारी ही निकल रहे हैं, वहीं गलियां लॉकडाउन के नियमों के अनुशासन से दूर हैं। चाहे शाहगंज हो या फिर लोकनाथ की सब्जी मंडी या फिर खुल्दाबाद का इलाका, इन मोहल्लों की गलियां सुबह से शाम तक गुलजार रह रही हैं।
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prayagraj: A crowd of people gathered to collect milk packets in the Bharti Bhavan area during the lockdown.
- फोटो : prayagraj
गलियों में लोग दिन घूमते और जगह-जगह बैठकबाजी देखे जा रहे हैं। अटाला व्यापार मंडल के अध्यक्ष फैयाज अहमद बताते हैं कि कोरोना वायरस का पाजिटिव केस मिलने के बाद गलियों में जिस तरह लोग बेपरवाह होकर घूम रहे हैं, उससे संकट किसी भी समय भयावह रूप ले सकता है।
उन्होंने प्रशासन से इस पर अंकुश लगाने की मांग भी की है। इसी तरह खुल्दाबाद के हसीब अहमद बताते हैं कि लोग गलियों में लॉकडाउन के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। दुकानें गलियों में खोली जा रही हैं और लोग बेखौफ होकर मजमा लगा रहे हैं। हालांकि पुलिस अफसरों ने इन इलाकों में दिन में लाउडस्पीकर से बार-बार लोगों से लॉकडाउन का पालन करने और घरों में रहने की अपील भी की।