हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव के लिए सोमवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी, लेकिन मतदाता सूची में गड़बड़ी, नामांकन शुल्क में दोगुना वृद्धि और साेसाइटी की नियमावली में संशोधन की विसंगतियों को लेकर शुरू विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। नामांकन शुल्क में हुई बढ़ोतरी के खिलाफ बृहस्पतिवार से बेमियादी अनशन पर बैठे वकीलों को एल्डर कमेटी की बैठक का हवाला देकर देर रात उठा दिया गया। हालांकि शुक्रवार को एल्डर कमेेटी, चुनाव समिति और बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक के बाद नामांकन शुल्क जमा करने की तिथि 14 मार्च तक बढ़ा दी गई।
इससे पहले नाराज वकीलों की ओर से एल्डर कमेटी के चेयरमैन वरिष्ठ अधिवक्ता टीपी सिंह का घेराव किए जाने पर उन्होंने चुनाव खर्च के बाद अध्यक्ष, मंत्री को छोड़कर अन्य पदों के उम्मीदवारों की जमानत राशि के बचे रुपये लौटाने का आश्वासन दिया। इस बीच लिखित आश्वासन न मिलने से असंतुष्ट वकील नामांकन प्रक्रिया से पहले हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में जुट गए हैं।
वहीं हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष अशोक सिंह का कहना है कि जमानत राशि और मुकदमों की संख्या के मुद्दे पर शनिवार को आवश्यक बैठक बुलाई गई है। इसमें चुनावी खर्चों का आकलन करके बार सदस्यों के हित में निर्णय लिया जाएगा।
विवाद : एक
मतदाता सूची मेें गड़बड़ी पर सुनवाई करेगी अन्य पीठ
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव से जुड़ीं तकरीबन 2500 आपत्तियों को निस्तारित करने का दावा करते हुए 28 फरवरी को 9457 मतदाताओं को शामिल करते हुए अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई। इसके बाद अधिवक्ता सत्येंद्र कुमार गुप्ता ने जनहित याचिका के माध्यम से मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाया। कहा, बार में 15 हजार से ज्यादा सदस्य हैं, लेकिन अंतिम मतदाता सूची में मात्र 9457 वकीलों का ही नाम शामिल है। इस बीच मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली कोर्ट ने पोषणीयता के आधार पर सुनने से इन्कार करते हुए मामले को अन्य कोर्ट के लिए अग्रसारित कर दिया। सोमवार को संबंधित अदालत से प्रार्थना की जाएगी।
विवाद : दो
नामांकन शुल्क में दोगुना वृद्धि
अध्यक्ष, सचिव समेत 28 पदों के चुनाव के लिए होने वाले नामांकन शुल्क में इस वर्ष दोगुना वृद्धि की गई है। इसके खिलाफ अधिवक्ता सोम नारायण मिश्र के साथ तमाम वकीलों ने बृहस्पतिवार को बेमियादी अनशन शुरू किया था। वैसे लिखित आश्वासन न मिलने से नाराज वकील नामांकन प्रक्रिया से पहले हाईकोर्ट में गुहार लगाएंगे। अब जमानत राशि अध्यक्ष के लिए एक लाख, वरिष्ठ उपाध्यक्ष के लिए 50 हजार, उपाध्यक्ष के लिए 40 हजार, सचिव के लिए 70 हजार, कोषाध्यक्ष व संयुक्त सचिव के लिए 20 हजार जबकि कार्यकारिणी सदस्य के लिए दस हजार कर दी गई है।
विवाद: तीन
नियमावली में संशोधन संबंधी विसंगति
अधिवक्ताओं के एक खेमे की ओर से अधिवक्ता अजय सिंह कुशवाहा ने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की संशोधित नियमावली की धारा 55 का हवाला देते हुए चुनाव अधिकारी के दिशानिर्देश को चुनौती दी है। उनका कहना है कि चुनाव समिति को नामांकन शुल्क में संशोधन करने का अधिकार नहीं है। याचिका का नोटिस सरकार, चुनाव समिति और एल्डर कमेटी को दिया गया है। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले सोमवार को त्वरित सुनवाई की मांग की जाएगी।